भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य हित से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में जहां तबादलों की समय-सीमा को 17 जून 2025 तक बढ़ाया गया, वहीं आदिवासी क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना’ शुरू करने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा महाराष्ट्र से आने वाली तुअर दाल पर मंडी टैक्स में छूट और जिला विकास सलाहकार समिति के गठन को भी हरी झंडी दी गई।
तबादला नीति में बदलाव, अब 17 जून तक होंगे ट्रांसफर
प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण की समय-सीमा अब 10 जून से बढ़ाकर 17 जून कर दी गई है। यह निर्णय शिक्षा विभाग का पोर्टल समय पर तैयार न होने के कारण लिया गया। कई मंत्रियों ने इस मुद्दे को कैबिनेट में उठाया, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तबादला अवधि बढ़ाने का विरोध किया, लेकिन माना कि शिक्षा विभाग की तकनीकी बाधा के चलते अन्य विभागों को भी इसका लाभ मिल गया।
आदिवासी बसाहटों तक पहुंचेगा विकास
कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत प्रदेश के दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों की 20600 बस्तियों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा। 30900 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। योजना का बजट 21600 करोड़ रुपये निर्धारित किया या है। डामर और सीसी रोड का निर्माण होगा। सड़क निर्माण में पीएम सड़क योजना की शर्तें लागू होंगी। कलेक्टर, सांसद, जनप्रतिनिधियों की सलाहकार समिति निर्माण स्थलों पर निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से अपने क्षेत्रों में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने को कहा है।
तुअर दाल पर मंडी टैक्स में छूट
प्रदेश में तुअर दाल की आपूर्ति महाराष्ट्र से होती है, जिस पर मंडी टैक्स लागू था। अब दाल मिल एसोसिएशन के अनुरोध पर महाराष्ट्र से आने वाली तुअर दाल को मंडी टैक्स से छूट देने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य की दाल मिलों को प्रोत्साहन मिलेगा और दाल की कीमतों में राहत की उम्मीद है.
हर जिले में बनेगी ‘जिला विकास सलाहकार समिति’
प्रदेश सरकार ने हर जिले में विकास की दिशा तय करने के लिए ‘जिला विकास सलाहकार समिति’ के गठन को मंजूरी दी है। इसमें अध्यक्ष: मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष: प्रभारी मंत्री और समिति में 20 सदस्य होंगे, जिनमें सभी जनप्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति विकास का रोडमैप तैयार करेगी और सरकार को सुझाव देगी।
आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए फंड भी जारी करेगी।


