भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों और हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा TET परीक्षा को लेकर दिए गए फैसले पर पुनर्विचार की मांग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। मोर्चा ने घोषणा की है कि 13 मार्च 2026 को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
शिक्षकों को प्रताड़ित करने का आरोप
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक संगठनों और कर्मचारी संगठनों में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद वर्तमान समय में कुछ अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसके कारण कई बार शिक्षक साथियों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ता है और शासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करना पड़ता है।
फैसले पर पुनर्विचार की मांग
संयुक्त मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय के TET परीक्षा से जुड़े फैसले पर सरकार से पुनर्विचार करने और इस संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है। साथ ही अन्य लंबित मांगों पर भी सकारात्मक पहल करने की अपील की गई है। मोर्चा का कहना है कि अब सरकार को शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।
आंदोलन को सफल बनाने की अपील
मोर्चा ने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों और कर्मचारी संगठनों के जिला एवं प्रदेश पदाधिकारियों से 13 मार्च को आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया है। इसके बाद जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय करने की बात भी कही गई है।
एकजुटता का दिया संदेश
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एम.पी. द्विवेदी, प्रदेश संयोजक एस.बी. सिंह, प्रदेश संयोजक महेंद्र शर्मा, कार्यकारिणी अध्यक्ष सतीश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अश्विनी चौबे, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक श्रीमती अनीता सारस्वत, प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा और प्रदेश महामंत्री सुभाष शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी साथियों से एकजुट होकर शिक्षक हित में इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।


