भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच के जरिए अपने सेवादारों को फटकार लगाते हुए ने कहा कि कई लोग सेवा की भावना से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से जुड़े हुए हैं। आधे से ज्यादा सेवादार इसलिए बन गए, क्योंकि यहां ज्यादा माल-पानी है। कुछ लौंडे यहां लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन गए। धाम में बालाजी की वजह से बच्चे-बच्चियां खिंचे चले आते हैं, ये एक बड़ा मैसेज उन सेवादारों के लिए है, जोकि पवित्र जगह की पवित्रता भंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सेवादारों को कोसते हुए ‘आर्मी’ शब्द का प्रयोग किया था।
सेवादारों को कोसने में कर दी मिस्टेक
कुछ दिन पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने चेलों को कोसते हुए कहा था कि हमारे यहां के सेवादारों की टोन बहुत खराब है और बात करने का तरीका भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा- ये लोगों को ऐसे धक्का देते हैं, जैसे ये आर्मी वाले हों। उनकी इसी बात पर विवाद खड़ा हो गया है, कुछ लोग खुले तौर पर इसे सेना का अपमान मान रहे हैं, तो कुछ इस दंभ में कही गई बात बता रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने बयान पर जताई आपत्ति
अपने सेवादारों की तुलना आर्मी से करने को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे सेना के जवानों का अपमान बताया। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि लगता है भीड़ देखकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री में मंत्री विजय शाह की आत्मा आ गई है। अब इसे धीरेंद्र शास्त्री की जुबान फिसलना कहें या फिर सोच-समझकर दिया गया बयान, यह अलग बात है। लेकिन अपने चेलों को कही गई बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर के बयान की तुलना मंत्री विजय शाह से करने के बाद आने वाले वक्त में मामला तुल पकड़ सकता है।


