भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। कई जिलों में बादल छाए हुए हैं, लेकिन सभी जगह अच्छी बारिश नहीं हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए अहम रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सक्रिय डीप डिप्रेशन पश्चिम और दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसी वजह से 31 जुलाई और 1 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होने का अनुमान है। वहीं 2 और 3 अगस्त से बारिश की तीव्रता कम हो सकती है।
15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों समेत कुल 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने कुछ इलाकों में 31 जुलाई की सुबह तक अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की भी आशंका जताई है। लोगों को नदी-नालों और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
अब तक औसत से 15% कम बारिश
प्रदेश में मानसून सामान्य रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन अब तक मध्यप्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश दोनों क्षेत्रों में भी सामान्य से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 143.4 मिलीमीटर बारिश छिंदवाड़ा जिले के हर्रई में रिकॉर्ड की गई।
चार दिन ऐसा रहेगा मौसम
31 जुलाई से 1 अगस्त:
अलीराजपुर, झाबुआ, धार और रतलाम में अति भारी बारिश की संभावना है। उज्जैन, छिंदवाड़ा, खरगोन, बड़वानी, देवास, आगर, मंदसौर, बुरहानपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सतना समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
1 से 2 अगस्त:
झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बाकी कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।
2 से 4 अगस्त:
बारिश की गतिविधियां पहले के मुकाबले कमजोर रहेंगी। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
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