भोपाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की सियासत उस दिन ही अपने नए पड़ाव की तरफ बढ़ गई थी, जब सत्ताधारी दल के होते हुए, कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा की मानी जाने वाली दतिया विधानसभा सीट बीजेपी हार गई। इसमें आजाद समाज पार्टी ने भी कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक काटा था, बावजूद इसके बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी चुनाव हार गए। इस परिणाम के बाद सबसे ज्यादा उंगलियां पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की तरफ उठ रही थी, कि उनके समर्थकों ने दिल लगाकर काम नहीं किया।
नरोत्तम से मुलाकातों का दौर जारी
बुधवार को राजधानी भोपाल में काफी सरगर्मी देखने को मिली, नरोत्तम मिश्रा से सुबह क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मिलने पहुंचे दोनों के बीच कमराबंद बैठक चली, जोकि काफी देर की थी। इसमें हाव-भाव के अनुसार जामवाल नरोत्तम मिश्रा को कुछ ताकीद करते नजर आ रहे हैं। इसी तरह शाम को सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी नरोत्तम मिश्रा के घर पर पग फैरा किया। उनके बीच भी काफी वक्त तक कमराबंद मुलाकात हुई। फिर अंत में गुरुवाल को एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें नरोत्तम मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को पु्ष्पगुच्छ भेंट कर रहे हैं।
इन मुलाकातों के पीछे की कहानी
सभी जानते हैं कि दतिया उपचुनाव की हार के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का ग्राफ काफी गिरा है। जिसे कभी संकटमोचक कहा जाता था, वो आज पार्टी के कटघरे में खड़ा दिखाई दे रहा है। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी जगह नहीं मिलने के बाद अब उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नाम नहीं लेने की शर्त पर एक विशेष जानकार ने बताया कि अगर अगले विधानसभा चुनाव तक उनको सम्मानीय पद नहीं दिया गया, और राजनीतिक विरासत पर ठेस पहुंचाई गई, तो वो अगले सिंधिया भी साबित हो सकते है।
