MP Rajya Sabha Election : ऐसा लग रहा है कि भाजपा के दतिया से पूर्व विधायक और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा इस साल जून में होने वाले मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। वर्तमान में दो सीटें भाजपा की और एक कांग्रेस की है। कांग्रेस की सीट पर दिग्विजय सिंह हैं। पार्टी हाईकमान उन्हें तीसरी बार उम्मीदवार बनाएगी नहीं और खुद दिग्विजय सिंह भी कह चुके हैं कि वह अब चुनाव लड़ेंगे नहीं।
काग्रेस को क्रॉस वोटिंग का भय
हालांकि, यह खास बात नहीं है। खास और दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस हाईकमान अपने हिस्से की तीसरी सीट पर जिसे भी उम्मीदवार बनाए, उसे क्रॉस वोटिंग का भय बना रहेगा, यदि भाजपा हाईकमान कांग्रेस की हिस्से वाली तीसरी सीट पर अपना उम्मीदवार इस रणनीति के तहत उतारती है कि कांग्रेस विधायकों में सेंधमारी की जा सकती है। अभी हाल में बिहार में, हरियाणा में, उड़ीसा में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के कुछ विधायक बिक गए थे। इसे ही हॉर्स ट्रेडिंग कहते हैं।
भाजपा का भरसक प्रयास!
मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां एक महीने पहले से ही पहले खुसर-पुसर फिर समाचार चर्चाएं होने लगी थीं कि कांग्रेस को अपने हिस्से की सीट पर क्रॉस वोटिंग झेलना पड़ सकती है। जाहिर है कि भाजपा हाईकमान ने, भाजपा संगठन ने, भाजपा नेताओं ने जोड़-बाकी बिठाई हुई है कि कुछ कांग्रेस विधायकों को, जो असंतुष्ट हैं, ज्यादा महत्वाकांक्षी हैं, प्रलोभन में आ सकते हैं, उन्हें अपनी ओर किया जा सकता है।
नरोत्तम ने जताई इच्छा?
अब डॉ.नरोत्तम मिश्रा की चर्चा करते हैं। आपको बता दें कि नरोत्तम मिश्रा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया हुआ है कि कांग्रेस की सीट के सामने वह लड़ सकते हैं, यदि पार्टी नेतृत्व का आशीर्वाद उन्हें मिल जाए। हालांकि हम इसकी पुष्टि पूरी तरह से नहीं करते है,यह सूत्रों का कहना है। यह भी बता दें कि नरोत्तम मिश्रा अमित शाह के बहुत करीबी हैं। सभी जानते हैं कि सरकार में नंबर दो अमित शाह को यदि समझ में आ गया कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा सीट भी थोड़े-बहुत प्रयासों से भाजपा को मिल सकती है तो वह इसमें पूरी ताकत झोंक देंगे और मध्यप्रदेश के सभी बड़े पार्टी नेताओं को भी इसमें जुटना ही पड़ेगा। ऐसी स्थिति में नरोत्तम की हार-जीत नहीं, बल्कि भाजपा नेतृत्व की प्रतिष्ठा दांव पर लग जाएगी।
एक कारण ये भी
आपको यह भी बता दें कि 2023 के विधानसभा चुनाव के पहले नरोत्तम मिश्रा ने भारी तादात में छोटे-बड़े कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल कराया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव में भी नरोत्तम मिश्रा ज्वाइनिंग टोली की कमान संभालते हुए कई कांग्रेस नेताओं में सेंधमारी की थी, जिसका श्रेय सीधा नरोत्तम मिश्रा को दिया जाता है। ऐसे में बीजेपी और अमित शाह अपने चहेते नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा की सीट उपहार के रूप में दे सकते है। इसके अलावा मध्यप्रदेश में 2028 में विधानसभा के चुनाव होना है। नरोत्तम मिश्रा फिलहाल किसी भी पद पर नहीं है, क्योंकि 2023 का विधानसभा का चुनाव वे हार गए थे, ऐसे में बीजेपी नरोत्तम को एक्टिव करने के लिए राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि नरोत्तम मिश्रा और भाजपा के लिए यह खेल आसान नहीं होगा, लेकिन कहते है कि मोदी की भाजपा में सब मुमकिन है।


