छिंदवाड़ा/तौफीक मिस्किनी/ खबर डिजिटल/ जिले के सिंगोड़ी ग्राम स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय एक बार फिर अपनी लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में विद्यालय से दो कक्षा 10वीं के छात्रों के लापता होने के मामले ने विद्यालय प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाउंड्री कूदकर फरार, प्रबंधन को भनक तक नहीं
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा, ऊंची बाउंड्रीवाल, सीसीटीवी कैमरे, गेटकीपर और हाउसकीपिंग स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद छात्र विद्यालय परिसर से बाहर कैसे निकल गए। यह स्पष्ट रूप से विद्यालय प्रबंधन की गंभीर चूक और लापरवाही को दर्शाता है।
पुलिस ने निभाई जिम्मेदारी, प्रबंधन मौन
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दोनों छात्रों को ढूंढकर सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया, लेकिन इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। यदि बच्चे नहीं मिलते तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?
प्राचार्य पर निजी स्कूल को प्राथमिकता देने के आरोप
विद्यालय के प्राचार्य चंद्रशेखर पानकर पर आरोप है कि वे नवोदय विद्यालय की बजाय अपनी पत्नी द्वारा संचालित निजी स्कूल पर अधिक ध्यान देते हैं। बताया जा रहा है कि वे पहले भी कई विवादों में घिरे रहे हैं।
कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
घटना के बाद विद्यालयीन छात्रों और अभिभावकों में भय का माहौल है। अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।


