ग्वालियर। NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री स्वयं पद नहीं छोड़ते, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।
ग्वालियर में सरकार पर साधा निशाना
ग्वालियर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने कहा कि पिछले कई वर्षों से NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनके मुताबिक इस बार करीब 22 लाख अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ सकती है।
भाजपा शासित राज्यों पर लगाए आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पेपर लीक का नेटवर्क भाजपा शासित राज्यों में सक्रिय है और परीक्षा प्रणाली को कारोबार बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों रुपये लेकर छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाया जा रहा है।
NTA ने नहीं माने संसदीय समिति के सुझाव
दिग्विजय सिंह ने बताया कि वे उच्च शिक्षा से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। समिति ने NEET परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दो रिपोर्टों में कई सुझाव दिए थे, लेकिन NTA ने उन्हें लागू नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने समिति की सिफारिशों को यह कहकर खारिज किया कि उसमें विपक्षी दलों के सदस्य भी शामिल हैं।
संसदीय समिति का अपमान: दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने कहा कि संसदीय समितियां लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संस्था हैं और उनकी रिपोर्टें सर्वसम्मति से तैयार होती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का बयान संसदीय परंपराओं और समिति दोनों का अपमान है।
कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा मंत्री के बयान और NEET पेपर लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि छात्रों के हित में तुरंत कार्रवाई की जाए।
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