भोपाल/ सुनील बंशीवाल/ खबर डिजिटल/ Pension benefit announcement before Diwali 2025: दिवाली से पहले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को बड़ी सौगात मिलने वाली है। मध्य प्रदेश के तकरीबन 2 लाख दैनिक वेतन भोगियों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट के आदेश अनुसार अब उन्हें पेंशन का भी लाभ मिलेगा। आदेश की खासियत ये है कि नियमित होने के दिन से पहले की 15 साल की सेवा भी पेंशन के लिए मान्य होगी, जोकि दैनिक वेतन भोगियों की बहुत बड़ी सौगात होगी। अभी तक दैवेभो के नियमित होने और रिटायर होने के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं दी जाती थी।
हाई कोर्ट से 2 लाख दैनिक वेतन भोगियों को राहत :
एमपी के करीब 2 लाख डेली वेजेस कर्मचारियों को जबलपुर हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब उन्हें पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। खास बात यह है कि नियमित होने के दिन से पहले की 15 साल की सेवा भी पेंशन के कार्यकाल में जोड़ी जाएगी। अभी तक दैवेभो के नियमित होने और रिटायर होने के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं दी जाती थी।
करीब 1 हजार याचिकाओं पर सुनवाई:
कई कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। करीब 1000 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी। अब कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए दैवेभो को बड़ी राहत दी है। जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने सभी दलीलें सुनने के बाद आदेश जारी किया। हाइकोर्ट ने कहा है कि इस आदेश को 60 दिन में लागू किया जाए। इससे रिटायर हो चुके और भविष्य में रिटायर होने वाले सभी दैवेभो को फायदा मिलेगा।
याचिकाकर्ताओं ने दिया तर्क:
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि भर्ती नियम (रूल-7) के अनुसार उनकी सेवा को मान्यता नहीं दी जा रही थी। 27 फरवरी 2023 को हुए संशोधन पर सवाल उठाए गए थे। दैनिक वेतन भोगियों के वकील एमपीएस रघुवंशी ने कहा कि – नियम चाहे जो हो, दैवेभो को पेंशन मिलनी चाहिए। कोर्ट का आदेश इसी पक्ष को मजबूत करता है।
सुप्रीम कोर्ट कह चुका:
नियमित हो चुके हैं तो पेंशन व अन्य लाभ मिले। सुप्रीम कोर्ट ने साल 2024 में एक ऐतिहासिक फैसले में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बाद में नियमित हुए हैं तो उन्हें रिटायरमेंट के बाद पेंशन व अन्य लाभ मिलें।
(Daily wage workers pension scheme) यूपी के दैनिक वेतन भोगियों को भी मिल सकती है राहत: उत्तर प्रदेश में इसी माह अध्यादेश लागू किया गया है। इसके तहत दैनिक वेतन भोगी और संविदा कर्मचारियों को अब पेंशन के लिए दावा करने का अधिकार नहीं दिया गया है। यानी उत्तर प्रदेश में फिलहाल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। वो भी आने वाले वक्त में इस आदेश के आधार पर न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।


