सिवनी/विशाल भारद्वाज/खबर डिजिटल/ पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने कहा है कि खेतों में नरवाई (पराली) जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध और जुर्माने की कार्रवाई किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह कदम पर्यावरण की दृष्टि से भले उचित हो, परंतु वर्तमान परिस्थितियों में किसानों की मजबूरी को समझना भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने मुश्किलों का दौर खड़ा कर दिया है।
किसानों के खेतों में भरा पानी
कांग्रेस नेता राजकुमार खुराना ने बताया कि नवंबर माह तक जारी अप्रत्याशित बारिश से खेतों में पानी भर गया है। गीली मिट्टी और भीगी नरवाई के कारण किसान रबी फसल की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। किसान पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहा है, ऐसे में उस पर दंडात्मक कार्रवाई करना न केवल अनुचित है बल्कि अमानवीय भी है।
सरकार और जिला प्रशासन से की मांग
उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं —
नरवाई जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध में व्यावहारिक राहत दी जाए।
जिन क्षेत्रों में जलभराव के कारण किसान खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं, वहां विशेष सर्वे कराया जाए और आर्थिक सहायता दी जाए।
नरवाई निपटान के लिए मशीनरी या सब्सिडी जैसी वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
किसानों के लिए की अपील
राजकुमार खुराना ने कहा कि ‘किसानों को अपराधी नहीं, अन्नदाता समझा जाए। सरकार का दायित्व है कि वह कठिन परिस्थितियों में किसानों के साथ खड़ी हो, न कि दंड के डर से उन्हें और परेशान करे।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार किसानों की वास्तविक स्थिति को देखते हुए जल्द ही राहत संबंधी निर्णय लेगी।


