रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। बड़ी गोरगी गौशाला में बीमार और मृत गायों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। सरकार जहां गौ- संरक्षण पर करोड़ों खर्च होने का दावा करती है, वहीं इस गौशाला की हालत जमीनी हकीकत बयां कर रही है।
गौशाला में नहीं डॉक्टर की व्यवस्था
ग्रामीणों के मुताबिक गौशाला में न डॉक्टर हैं, न दवा, न ही बीमार गायों के इलाज की कोई व्यवस्था। इसी लापरवाही के चलते बीते एक महीने में 12 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। लेकिन सबसे विभत्स दृश्य तब सामने आया, जब मृत और अंतिम सांसें ले रही गायों के शवों को ट्रैक्टर के पीछे रस्सी से बांधकर दूर फेंकने के लिए बेरहमी से घसीटा गया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।
हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
हिंदू संगठनों ने गौशाला में मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया और भारी अव्यवस्था उजागर की। वहीं जब ग्रामीणों ने गौशाला संचालक आकांक्षा चौरसिया और सहायक सचिव हरीश चौरसिया से जवाब मांगना चाहा, तो दोनों कैमरे के सामने आने से बचते दिखे। इस अमानवीयता पर जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने तत्काल संज्ञान लिया है और जांच के निर्देश दिए हैं। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि प्रशासन कब तक इस कब्रगाह बन चुकी गौशाला की व्यवस्था सुधारता है और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई करता है।


