रीवा/ अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा के संजय गांधी, गांधी मेमोरियल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सुरक्षा- सफाई संभालने वाली हाइट्स कंपनी विवादों से घिरती जा रही है। मरीजों और परिजनों से लगातार अवैध वसूली के बाद अब कंपनी के जिम्मेदार अपनी लापरवाही सुधारने की बजाय खुलासा करने वाले संस्थानों को ही नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं। सवाल यह है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली इस कंपनी पर आखिर कब होगी सख्त कार्रवाई?
स्ट्रेचर के नाम पर मांगे चाय-नाश्ते के पैसे
गांधी मेमोरियल अस्पताल में सीधी जिले के रामपुर नैकिन निवासी रजनीश रावत अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर पहुंचे थे। 2 दिसंबर को सिजेरियन से जन्मे नवजात की दो दिन बाद मौत हो गई। शनिवार को प्रसूता की छुट्टी के बाद परिजन उसे एंबुलेंस तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर खोजते- खोजते परेशान होते रहे। इसी दौरान हाइट्स कंपनी के कर्मचारियों ने स्ट्रेचर देने के नाम पर चाय- नाश्ते के पैसे मांग डाले।
नवजात की मौत का भी नहीं दुख
नवजात की मौत के बाद भी ऐसी संवेदनहीन वसूली ने परिजनों को हिलाकर रख दिया। इससे पहले लेबर रूम और सुपर स्पेशलिटी में स्ट्रेचर न देने, पैसे मांगने और लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं। पूरा प्रकरण उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन कार्रवाई की बात तो कर रहा है, पर कंपनी की ओर से जिम्मेदारी निभाने की बजाय उल्टे दबाव और नोटिस की तैयारी की जा रही है। अब नजरें इस बात पर हैं कि क्या अस्पताल प्रबंधन हाइट्स कंपनी पर कड़ी कार्रवाई करेगा या हमेशा की तरह नोटिस देकर औपचारिकता पूरी कर लेगा।


