रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को काशी पीठाधीश्वर स्वामी नारायणानंद महाराज पहुंचे। उन्होंने कहा- विश्व कल्याण के लिए सनातनियों को एक रहना होगा ताकि कोई हमें बांट न सके। उन्होंने सनातन परंपराओं की एकता और धर्म की मूल भावना पर बल दिया। स्वामी जी ने इस संदेश का सभी को पालन करने की अपील की।
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
रीवा के ललपा तालाब परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा श्रवण से पूर्व जगद्गुरु काशी पीठाधीश्वर ने कहा भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि ईश्वर से आत्मिक जुड़ाव का माध्यम है। इसके श्रवण से कलयुग में भी नारायण की प्राप्ति संभव है और अगर नारायण की प्राप्ति हो जाए, तो कुछ प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं रह जाती।
कथा के श्रवण से मिलता है बेहद लाभ
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से मनुष्य के भीतर काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार की अग्नि शांत होती है। कथा के दौरान भक्त इन पांच विकारों की आहुति यज्ञ वेदियों में समर्पित करेंगे। आयोजक समिति ने बताया कि कथा के सातों दिनों में भक्तजनों के लिए प्रवचन, कीर्तन और यज्ञ का विशेष आयोजन किया गया है।


