रीवा/ अरविन्द तिवारी/ खबर डिजिटल/ रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल… जिसे प्रदेश सरकार ने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का हब बताया था… आज मरीजों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है। करोड़ों की लागत और नामचीन इंजीनियरों की देखरेख में खड़ा यह अस्पताल अब हादसों का गढ़ साबित हो रहा है। पहले फॉल सीलिंग गिरी और अब अस्पताल का एक पिलर खिसकने की खबर सामने आई है।
रीवा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की यह ताज़ा तस्वीरें और रिपोर्ट किसी बड़े हादसे का संकेत हैं। अस्पताल के बेस का एक मजबूत पिलर अपनी जगह से लगभग डेढ़ फुट खिसक चुका है। यह स्थिति बताती है कि पूरा स्ट्रक्चर खतरे में है। विशेषज्ञों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर समय रहते मरम्मत और स्ट्रक्चरल जांच नहीं की गई… तो कोई भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। यह वही अस्पताल है, जहां रीवा और आसपास के जिलों से हार्ट और गंभीर बीमारियों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
सरकार ने इसे आधुनिक इलाज का केंद्र बताकर लाखों लोगों की उम्मीदें इससे जोड़ी थीं। लेकिन फॉल सीलिंग गिरने से लेकर अब पिलर खिसकने तक की घटनाओं ने पूरे निर्माण की पोल खोल दी है। अब सवाल उठता है कि क्या करोड़ों का प्रोजेक्ट लापरवाही की भेंट चढ़ा? मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या भ्रष्टाचार ने रीवा की शान को शर्मिंदगी में बदल दिया?
जब फॉल सीलिंग गिरने की घटना हुई थी तब जिम्मेदारों ने इसे ‘छोटी तकनीकी गड़बड़ी’ बताकर टाल दिया था। मगर अब पिलर खिसकने का मामला सामने आने के बाद यह साफ हो चुका है कि यह किसी छोटी गलती का नहीं बल्कि बड़े स्तर की लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला है।
सवाल यह भी उठता है कि आखिर इतनी बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार कौन है? रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल… जहां लोग इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं… वही अस्पताल अब उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है। सरकार और प्रशासन कब जागेगा और कब इस लापरवाही पर कार्रवाई होगी यह सबसे बड़ा सवाल है।


