सागर/हर्षित पाण्डेय/खबर डिजिटल/ आगामी 25 दिसंबर को हम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती मनाने जा रहे हैं। यह श्रद्धेय अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष हैं जिसे हम “अटल स्मृति वर्ष” के रुप में मना रहें हैं। श्रद्धेय अटल जी के विकसित भारत के सपने को हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही हैं। यह बात भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सागर संभाग प्रभारी गौरव रणदिवे ने सागर में जिला स्तरीय कामकाजी बैठक को सम्बोधित करते हुए कही।
बीजेपी के कई नेता रहे मौजूद
बैठक को जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने भी सम्बोधित किया। बैठक में सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं शहडोल संभाग प्रभारी गौरव सिरोठिया, संभागीय कार्यालय मंत्री डॉ.वीरेंद्र पाठक, एस.आई.आर टोली जिला संयोजक रामेश्वर नामदेव, वीर बाल दिवस टोली संयोजक यश अग्रवाल, मंचासीन रहें।
‘श्रद्धेय अटल जी के प्रति हमारा भावनात्मक लगाव’
बैठक को सम्बोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सागर संभाग प्रभारी गौरव रणदिवे ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के प्रति हमारा भावनात्मक लगाव हैं और उनके प्रति हमारे मन में भावनात्मक विचार आते हैं। वह ऐसे नेता थे जिन्हे देखने सुनने लोग आतुर रहते थे। उस समय जब प्रचार प्रसार के इतने साधन नहीं थे, तब भी श्रद्धेय अटल जी की रैली व सभाओं में जन समूह उमड़ता था और ऐसी स्थिति एक दो जगह नहीं बल्कि हर जगह होती थी। ऐसे करिश्माई नेतृत्व के धनी व भारतीय राजनीति के ‘अजातशत्रु’ थे श्रद्धेय अटल जी।
वाजपेयी जी सुशासन के प्रतीक – गौरव रणदिवे
गौरव रणदिवे ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी सुशासन के प्रतीक थे। उनका पूरा जीवन सुचिता से परिपूर्ण रहा है। वे जनसंघ के प्रमुख सदस्य रहे और जब भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ, तब पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। श्रद्धेय अटल जी ने राजनीतिक सुचिता के जो आदर्श मापदंड स्थापित किए हैं, पार्टी कार्यकर्ता आज भी उन्हीं मापदंडों का पालन कर रहे हैं। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कृतित्व व व्यक्तित्व को जनता तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश की सभी विधानसभाओं में सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन सम्मेलनों के जरिए अटल जी के कृतित्व, व्यक्तित्व, विचारों, राष्ट्रनिष्ठा व सुशासन को जनता तक तक पहुंचाया जाएगा।
26 दिसंबर को हम वीर बाल दिवस
प्रदेश महामंत्री एवं सागर संभाग प्रभारी गौरव रणदिवे ने कहा कि 26 दिसंबर को हम वीर बाल दिवस मनाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर साहिबजादों के बलिदान की अमर स्मृति में ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की शुरुआत की थी। अब यह पूरे देश के लिए राष्ट्रीय प्रेरणा का पर्व बना है, उन्होंने साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी की बहादुरी की सराहना और उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि मुगलों द्वारा किए गए तमाम अत्याचारों और प्रलोभनों के बावजूद, वे इतनी कम उम्र में भी अपने विश्वास पर अडिग रहे। उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय जिंदा दफन होना स्वीकार किया। लेकिन इस देश का दुर्भाग्य हैं कि कांग्रेस ने सदा अपने शासन काल में हमारे नायको की वीरता और साहस की गौरव गाथा के बजाये गढ़े हुए विमर्श पढाये गए। जिन्हें बदलने का काम हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है।


