सतना/अंकित शर्मा/खबर डिजिटल/ सोशल मीडिया में एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें यह बोला जा रहा है कि राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी अपने भाई की वीडियो देख रही हैं जिसमें वह पुलिस गिरफ्त में नजर आ रहा है, हालांकि खबर डिजिटल फोटो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
आईए जानते हैं पूरा मामला।
एक दिन पूर्व भाजपा सरकार में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी का सगा भाई अनिल बागरी 46 किलो गांजे के साथ रामपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया, रामपुर बघेलान टीआई संदीप चतुर्वेदी की टीम ने यह कार्रवाई की। इसी तरह 3 दिसंबर को गांजा की ही तस्करी में मंत्री बागरी के बहनोई को भी बांदा पुलिस ने पकड़ा था। सूत्रों की माने तो जीजा साला मिलकर गांजा का अंतर राज्यजीय गिरोह चला रहे थे।
मंत्री बागरी ने दी सफाई
एक तरफ मंत्री बागरी सफाई दे रही है कि आरोपियों से उनका कोई नाता नहीं है। सरकार नशे के खिलाफ अपना कार्य कर रही है जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा, और दूसरी ओर अपने मोबाइल में भाई की वीडियो देखे नजर आ रही हैं, हालांकि इसमें विरोधाभास जरुर है। जबकि भाजपा को एक अनुशासित पार्टी माना जाता है, लेकिन फिर भी अपराधियों पर एक्शन लेने में क्या ्ब पुलिस सामान्य व्यक्ति की तरह ही कार्रवाई करेगी।
पूर्व विधायक ने लगाए आरोप
वहीं कांग्रेस की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने आरोप लगाया है कि यह सब राज्य मंत्री की शाह पर चल रहा था सरकार को राज्य मंत्री से इस्तीफा ले लेना चाहिए और उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए। राज्यमंत्री के बहनोई के खिलाफ सिंहपुर थाने में एनडीपीएस का मामला दर्ज है। वो नशीली कफ सिरप की तस्करी करते गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में सिंडीकेट के 35 लाख रुपए की कफ सिरप की रूप में कुछ वर्षों के भीतर 5 करोड़ की खरीदी और बिक्री का ट्रांजेक्शन दीपक सिंह के खाते में पाया गया था।
