सिवनी/विशाल भारद्वाज/खबर डिजिटल/ जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां जमीन विवाद से परेशान एक परिवार ने अब इच्छामृत्यु की मांग की है। मामला ग्राम मैली, थाना बरघाट क्षेत्र का है, जहां चैनसुख ग्वालवंशी और धनीराम ग्वालवंशी का परिवार पिछले 10-15 वर्षों से अपने अधिकार और न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है।
परिवार ने दी जानकारी
परिवार ने बताया कि उनकी पैतृक भूमि पर गांव का सरपंच संतोष ग्वालवंशी लगातार कब्जे की कोशिश कर रहा है, जबकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद संतोष ग्वालवंशी खेत में पाइप डालने, मिट्टी फेंकने और जमीन पर कब्जे की कोशिश करता रहा है।
धमकाने का लगाया आरोप
उनकी गैरमौजूदगी में खेत में मिट्टी डालकर कब्जा करने की कोशिश की गई। खेत में पाइप गाड़े गए, मेड़ तोड़ी गई और जमीन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। वर्तमान सरपंच संतोष ग्वालवंशी और उसका भाई अशोक दोनों आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उन पर पहले से कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। एक मामले में उन्हें 3.5 वर्ष की सजा भी हो चुकी है। एक आदिवासी महिला के साथ धारा 376 (दुष्कर्म) का केस भी दर्ज है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार धमकाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
इच्छामृत्यु की मांगी अनुमति
परिवार कई बार थाना बरघाट, पुलिस अधीक्षक सिवनी, कलेक्टर सिवनी, SDM, और यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 तक शिकायत कर चुके हैं। आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी सरपंच होने का फायदा उठाकर अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है। परिवारों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी हैं। लगातार विवाद और उत्पीड़न से वे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से टूट चुके हैं। परिजन, विशेषकर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग, भय और तनाव में जी रहे हैं। 10–15 वर्षों से न्याय न मिलने और लगातार प्रताड़ना से वे अब जीवन जीने का कारण नहीं देख पा रहे हैं। इच्छामृत्यु की अनुमति की औपचारिक मांग की हैं।
9 दिसंबर 2025 को दिया आवेदन
9 दिसंबर 2025 को जिला कलेक्टर को दिए आवेदन में दोनों परिवारों ने लिखा’ हमारा परिवार अत्यंत परेशान है। लगातार उत्पीड़न, धमकी, और प्रशासन से सहयोग न मिलने के कारण अब जीवन असहनीय हो चुका है। अतः परिवार सहित हमें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।’ परिवार ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण उनके बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं लगातार मानसिक तनाव में हैं और अब जीवन-यापन असहनीय हो चुका है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से तुरंत इच्छामृत्यु की मांग की गुहार लगाई है।


