श्योपुर/धीरज बालोटिया/खबर डिजिटल/ जिले के ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूल लगातार अतिक्रमण की चपेट में हैं। शिकायतें सामने आने के बावजूद कार्रवाई न होना बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। दबंगों के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के अधिकारों पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है।
पांच साल से स्कूल मैदान पर कब्जा
मामला वीरपुर तहसील की ग्राम पंचायत बरौली अंतर्गत गांव कतन्नीपुरा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। यहां करीब पांच साल पहले दबंगों ने स्कूल के खेल मैदान पर कब्जा कर लिया। मैदान में भैंसों का बाड़ा बना दिया गया है, जिससे बच्चों को न खेलकूद की सुविधा मिल रही है और न ही मध्यान्ह भोजन करने के लिए जगह।
गणतंत्र दिवस पर भड़का विवाद
26 जनवरी को स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने अतिक्रमण का विरोध किया। आरोप है कि दबंगों ने ग्रामीणों से गाली-गलौज और धमकी दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विवाद बढ़ने पर शिक्षक सुरेश रावत ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष मान सिंह मीणा ने बताया कि दबंगों ने स्कूल में ताला डालने की धमकी दी। मौके पर पहुंचे सरपंच गिर्राज रावत ने भी अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की जाएगी।
प्रशासन का बयान
एसडीएम अभिषेक मिश्रा ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। अतिक्रमण पाए जाने पर उसे हटाया जाएगा।


