Tuesday, November 3, 2026
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भरभरा आश्रम में श्रीरामनवमी पर सजा भक्ति और संस्कृति का भव्य संगम

सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी

लोकगायन, कथक नृत्य नाटिका और भक्तिगीतों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

कटनी–श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर उमरियापान क्षेत्र स्थित भरभरा आश्रम के शिव मंदिर परिसर में ‘आविर्भाव समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।शुक्रवार शाम आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, पर्यावरणविद् निर्भय सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता दुबे, एसडीएम निधि गोहल, सीईओ यजुवेंद्र कोरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत जबलपुर के लोकगायक भवानीदास अहिरवार की बुंदेली लोकगायन प्रस्तुति से हुई। उन्होंने “जनम लए राजा राम अवध में”, “राम लखन सिया जानकी”, “मन भज लैयो राम नाम” सहित अनेक भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति में राम भक्ति के साथ शिव स्तुति और माँ नर्मदा के गीतों ने भी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।इसके पश्चात कथक नृत्यांगना डॉ. श्यामा पंडित द्वारा संकल्पित “मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम” कथक नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। इस प्रस्तुति में राम-सीता वनवास, सीता हरण, राम की शक्ति पूजा और रावण वध जैसे प्रमुख प्रसंगों को भावपूर्ण नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। तीनताल और रूपक ताल में सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को कला की गहराई और भक्ति की ऊँचाइयों से परिचित कराया।कार्यक्रम के अंतिम चरण में बुरहानपुर के नितेश सिंह एवं उनकी टीम ने भक्तिगायन प्रस्तुत किया। “नगरी हो अयोध्या सी”, “दुनिया चले ना श्रीराम के बिना”, “मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे” जैसे गीतों ने पूरे वातावरण को भक्ति रस में डुबो दिया। “श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” और “रामजी की निकली सवारी” जैसे गीतों पर श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे।पूरे आयोजन के दौरान मधुर संगीत, लयबद्ध प्रस्तुति और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने आश्रम परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह समारोह एक गरिमामय सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव के रूप में यादगार बन गया।

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