भोपाल/परवेज खान/खबर डिजिटल/ ऐतिहासिक तब्लीगी इज्तिमा को लेकर राजधानी भोपाल में तैयारियां जोरों पर हैं। इस सिलसिले में जिला प्रशासन और इज्तिमा कमेटी के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संभागीय आयुक्त संजीव शर्मा, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, देहात आईजी अभय सिंह, एसपी राम शरण प्रजापति, ट्रैफिक डीसीपी जितेंद्र पवार, तथा इज्तिमा कमेटी के जिम्मेदार आरिफ गोहर सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इज्तिमा की व्यवस्थाओं का बनाया प्लान
बैठक में प्रशासन और कमेटी के बीच इज्तिमा स्थल की तैयारी, पार्किंग, टेंट, शौचालय, भोजन व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि इस बार भी इज्तिमा के आयोजन को सफल और सुचारू बनाने के लिए सभी विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि बाहर से आए लोगों को किसी भी तरह की समस्याओं का सामना ना करना पड़े, इज्तिमा में तीन दिन सेवा करने वालों की लिस्ट भी अभी से तैयार की जा रही है।
600 एकड़ क्षेत्र में होगा पंडाल, पार्किंग
बता दें कि इज्तिमा के लिए लगभग 600 एकड़ क्षेत्र में पंडाल और पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान यातायात, पार्किंग, टोल नाकों, स्वास्थ्य सुविधा और आपातकालीन सेवाओं की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि इज्तिमा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए स्पष्ट रूट प्लान तैयार किया जाए। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन, वाहन पार्किंग और एम्बुलेंस व्यवस्था पहले से तय कर ली जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि इज्तिमा स्थल पर सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा शौचालय, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था को लेकर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।इज्तिमा कमेटी के जिम्मेदार आरिफ गोहर ने बताया कि समिति प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय में काम कर रही है ताकि किसी भी स्तर पर परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए हर विभाग अपनी भूमिका निभा रहा है।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि ‘इज्तिमा एक बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। हमारी प्राथमिकता यह है कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।’


