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Saturday, April 18, 2026
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Damoh News: अवैध रुप से पटाखों का भंडारण, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

60 पेटी फटाखों का किया था भंडारण, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई

दमोह/वैभव नायक/खबर डिजिटल/ देहात थाना पुलिस ने अवैध रूप से भंडारित किए गए पटाखे जब्त किए। जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। नियमानुसार इतनी भारी मात्रा में एक ही जगह पर विस्फोटक सामग्री का भंडारण अवैध है। पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया और आसपास के इलाके में सर्चिंग अभियान चलाया, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

मकान में मिला पटाखों का जखीरा
इमलाई ग्राम के एक खेत में देहात थाना पुलिस की रेड कार्यवाई के दौरान मकान से 60 पेटी फटाखे जब्त किए गए। जब्त किए गए फटाखों की अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। बता दें कि जिले में पूर्व में सामने आई बड़ी घटनाओं के बाद पुलिस लगातार अवैध आतिशबाजी के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है।

क्या है विस्फोटक पदार्थ अधिनियम?
विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 (Explosives Act, 1908) और विस्फोटक अधिनियम, 1884 (Explosives Act, 1884) भारत में विस्फोटकों के निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, कब्ज़े और उपयोग को नियंत्रित करते हैं। इन कानूनों का उद्देश्य विस्फोटक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों को विनियमित करना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन नियमों के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है, जैसे कि लाइसेंस के बिना विस्फोटक रखना या उनका अवैध उपयोग करना।

मुख्य प्रावधान
विनियमन: विस्फोटक अधिनियम, 1884 और पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 के अनुसार विस्फोटकों, पेट्रोलियम पदार्थों और संपीड़ित गैसों के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, कब्जा, विक्रय और उपयोग का संचालन और विनियमन करता है।

लाइसेंस: नियमों के तहत विस्फोटक पदार्थ रखने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है। बिना लाइसेंस के विस्फोटक रखना एक अपराध है।

दंड: नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने और कारावास सहित दंड का प्रावधान है। उदाहरण के लिए, लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने पर धारा 9बी के तहत ₹1,000 तक का जुर्माना या 3 साल तक की कैद हो सकती है।

सुरक्षा: केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और स्थानीय संस्थाओं को विस्फोटक पदार्थों के संबंध में तकनीकी परामर्श प्रदान करना भी इस अधिनियम के तहत आता है।
महत्वपूर्ण बातें

विस्तार: यह अधिनियम पूरे भारत में लागू होता है और भारत के बाहर के नागरिकों पर भी लागू होता है।

संशोधन: समय के साथ, तकनीकी प्रगति और उभरती चुनौतियों के अनुरूप अधिनियम में संशोधन किए गए हैं ताकि सुरक्षा मानकों को बढ़ाया जा सके।

अधिकार: अधिनियम के तहत नियम बनाने के लिए सरकारी अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं, और इन नियमों को संसद के समक्ष रखा जाता है।

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