उज्जैन/ कमलेश जाटवा/ खबर डिजिटल/ जिले के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व 9 नहीं बल्कि 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा। फाल्गुन कृष्ण पक्ष में दो अष्टमी तिथि पड़ने के कारण उत्सव की अवधि एक दिन बढ़ गई है। पर्व की शुरुआत 6 फरवरी (कृष्ण पंचमी) से होगी और 15 फरवरी (कृष्ण त्रयोदशी) तक आयोजन जारी रहेगा।
कोटेश्वर पूजन से होगी शुरुआत, रोज बदलेगा स्वरूप
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित आशीष शर्मा के अनुसार 6 फरवरी को कोटेश्वर महादेव के पूजन-अर्चन से 10 दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद प्रतिदिन बाबा महाकाल का अलग-अलग दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के पट लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सहज दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर में तेज तैयारियां, सजावट और सफाई जोरों पर
पर्व को लेकर मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां चल रही हैं। शिखर का रंग-रोगन, गर्भगृह में रुद्र यंत्र और चांदी द्वार की विशेष सफाई की जा रही है। पूरे परिसर को आकर्षक लाइटिंग से सजाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को भव्य आध्यात्मिक वातावरण मिल सके।
सेहरा श्रृंगार और दिन की भस्म आरती रहेगी विशेष आकर्षण
15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर विशेष श्रृंगार होगा, जबकि 16 फरवरी की सुबह सप्तधान्य से सेहरा सजाया जाएगा। इसी दिन वर्ष में एक बार होने वाली दोपहर की भस्म आरती भी संपन्न होगी। 11 ब्राह्मण एकादश रुद्राभिषेक कर देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। समापन पर ब्रह्म भोज का आयोजन किया जाएगा।


