भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगाए है। सिंघार ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी का पाकिस्तान से कनेक्शन उजागर किया और इससे देश की सुरक्षा को खतरा होने की बात कही।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप
मध्य प्रदेश में उपभोक्ताओं के घर और संस्थानों पर युद्द स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया जा रहा है। इन स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें भी सामने आ रही थी, ऐसे में अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नया आरोप लगाकर सूबे की सियासत को गर्म कर दिया है। सिंघार ने सीधे तौर पर कहा है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी का पाकिस्तान से कनेक्शन है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जिसे उन्होंने देश के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया और कंपनी का ठेका तत्काल निरस्त करने की मांग की।

एक जासूसी का मीटर – उमंग सिंघार
उमंग सिंघार का आरोप है कि यह कोई स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि एक जासूसी का मीटर है। उनका दावा है कि जिस कंपनी को मध्य प्रदेश में मीटर लगाने का ठेका दिया गया है, उसके कई बड़े अधिकारी पाकिस्तानी मूल के नागरिक हैं। सिंघार ने यह भी सवाल उठाया कि जब कंपनी के तार सीधे तौर पर पाक से जुड़े हैं, तो फिर सरकार ने उसे ठेका क्यों दिया। साथ ही सिंघार का कहना है कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। सिंघार ने बताया कि ‘अफ्नार’ नामक यह कंपनी, जिसका ऑफिस सऊदी अरब में है, राज्य में मीटर लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी में मेन पावर पाकिस्तान का है और वहीं भारत में डॉक्यूमेंटेशन प्रोसेस में भी लापरवाही बरती गई।
सिंघार ने पाकिस्तानी कनेक्शन की तस्वीरें बताई
नेता प्रतिपक्ष ने अपने आवास पर एक प्रजेंटेशन दिया। जिसमें उन्होंने कंपनी के पाकिस्तान कनेक्शन को साबित करने के लिए कुछ तस्वीरें पेश की। इन तस्वीरों में पाकिस्तान के अधिकारी दिखाई दे रहे हैं। जिसके जरिए दावा किया गया है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कंपनी का नहीं केन्द्र में रजिस्ट्रेशन
सिंघार का कहना है कि जब केंद्र ने कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो फिर भी प्रदेश में अल्फानार कंपनी कैसे काम कर रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अडाणी कंपनी ने इसके 50% शेयर खरीदे हैं। यूपी, हरियाणा में इस कंपनी को बैन किया गया है। उमंग सिंघार ने दावा किया कि 25 करोड़ लोगों का डेटा देश से बाहर जा रहा है। उनका सवाल है कि कंपनी के माध्यम से क्या अडाणी पाकिस्तान के जासूस बन गए हैं? इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
निजी डेटा को लेकर जताई चिंता
उमंग सिंघार ने ठेके की राशि पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि पश्चिम क्षेत्र में इसी कंपनी का 897 करोड़ का ठेका अधूरे कागजात के चलते निरस्त कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी इसी कंपनी को 1100 करोड़ का ठेका दे दिया गया। कुल मिलाकर लगभग 2 हजार करोड़ का ठेका इस कंपनी को मिला है। सिंघार ने आगे कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर कस्टमर्स से उनका अकाउंट नंबर, आधार कार्ड समेत कई पर्सनल इनफॉरमेशन मांगी जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि जब कंपनी को पाकिस्तान के लोग चला रहे हैं, तो हमारा संवेदनशील डेटा कैसे सुरक्षित रह पाएगा। यह डेटा अब पाकिस्तानियों के हाथ में है, गजब की सरकार है।



