भोपाल: उज्जैन में इस बार 139 दिन का विक्रमोत्सव महोत्सव 2026 (Ujjain Vikramotsav 2026) का आयोजन किया गया है। यह आयोजन सबसे लंबे समय तक चलने वाले आयोजनों में एक रिकार्ड बनेगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून तक (139 Days Festival Ujjain) चलने वाले विक्रमोत्सव के तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 में हो रहे विक्रमोत्सव को बहु आयामी बनाने के निर्देश दिए हैं। Madhya Pradesh Hindi News, मध्य प्रदेश समाचार, MP Latest News
उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून तक होगा विक्रमोत्सव 2026
इस दिशा में संस्कृति विभाग और सहयोगी संस्थाओं ने आवश्यक तैयारियों को तेजी से पूर्ण करने का कार्य किया है। निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार विक्रमोत्सव-2026 में कलश यात्रा, नाटक मंचन, वैचारिक समागम, शोध संगोष्ठी, फिल्मों के प्रदर्शन, वेद अंताक्षरी और सूर्योपासना के आयोजन होंगे।
मध्यप्रदेश के उत्सव और मेले प्रदेशवासियों के साथ ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को आकर्षित करते रहे हैं। ऐसे उत्सवों में विक्रमोत्सव ने सबसे अलग पहचान बनाई है। इस वर्ष उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून की अवधि में 139 दिवसीय विक्रमोत्सव का आयोजन दीर्घ अवधि के महोत्सव की दृष्टि से एक रिकार्ड होगा।
प्रदेश के नगरों में विक्रमादित्य महानाट्य मंचन के साथ ही शिक्षण संस्थाओं में सम्राट विक्रमादित्य पर केन्द्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के वैज्ञानिक पक्ष को भी प्रचारित किया जाएगा। विज्ञान सम्मत कार्यों के संबंध में विज्ञान महाविद्यालयों, अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों को जोड़कर अभिनव कार्यक्रम किए जाएंगे। एमपी के सीहोर जिले में 7 को राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन, 8 राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल – Khabar Digital
उज्जैन में बनेगा नया रिकॉर्ड – 139 दिनों तक चलेगा विक्रमोत्सव 2026
- 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों के शुभारंभ, महादेव की कलाओं के शिवार्चन, कलश यात्रा, शिवोSहम के अंतर्गत बैंड प्रस्तुति, शिवनाद और विक्रम व्यापार मेले का आयोजन होगा।
- इसके बाद 16 से 20 फरवरी की अवधि में शिव पुराण,
- 16 से 25 फरवरी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियां
- 26 से 28 फरवरी तक इतिहास समागम, पुतुल समारोह और अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी जैसी गतिविधियां होंगी।
- फरवरी और मार्च माह में वैचारिक समागम, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, विभिन्न भाषाओं और बोलियों में लोकरंजन के तहत कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन के कार्यक्रम होंगे।
- गुड़ी पड़वा पर उज्जैन के रामघाट (दत्त अखाड़ा) पर सूर्य उपासना का कार्यक्रम होगा।
- उज्जयिनी गौरव दिवस अंतर्गत शिप्रा तट पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण होगा।
- महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य और प्रख्यात पार्श्व गायकों द्वारा सांगीतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।
- महोत्सव में जिलों में भी विक्रमोत्सव के कार्यक्रम होंगे।
विरासत से युवाओं को जोड़ने में मिल रही है सफलता
सम्राट विक्रमादित्य के योगदान की जानकारी युवा पीढ़ी तक देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर कार्यक्रम किये जा रहे हैं। गत वर्ष नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य के मंचन का होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के संकल्प के अनुरूप इतिहास के गौरवशाली व्यक्तित्वों पर केन्द्रित आयोजन के निर्देश दिए हैं। संस्कृति विभाग के साथ विक्रमादित्य पीठ, वीर भारत न्यास और अन्य संस्थाएं विभिन्न नवाचारों के माध्यम से विविध गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। हाल ही में अभ्युदय मध्यप्रदेश ऑनलाइन स्पर्धा में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी की। युवाओं ने ऑनलाइन स्पर्धा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ई-स्कूटी, लैपटॉप जैसे पुरस्कार प्राप्त किए।
Khabar Digital., Top Hindi news, MP, CG Hindi News, Latest News


