मुंबई: भारत की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक, टाटा पावर ने देश के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देने के लिए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) और इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर (IGC) के साथ हाथ मिलाया है। इस रणनीतिक साझेदारी के तहत मुंबई स्थित टाटा पावर के मुख्यालय में ‘एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब’ (EIIL) की स्थापना की गई है। यह लैब अत्याधुनिक शोध, डेटा एनालिटिक्स और व्यवहार विज्ञान के माध्यम से भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने का काम करेगी। इसका मुख्य लक्ष्य देश भर के उपभोक्ताओं के लिए बिजली सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार करने के साथ-साथ उन्हें अधिक किफायती बनाना है।
यह लैब विशेष रूप से भारत के बिजली क्षेत्र की उन गंभीर चुनौतियों का समाधान खोजेगी जो बिजली की बढ़ती मांग को प्रबंधित करने और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण से जुड़ी हैं। इस पहल के माध्यम से ऐसे समाधान विकसित किए जाएंगे जो भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों के अनुरूप हों। लैब का उद्घाटन टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा, एलएसई के प्रोफेसर रॉबिन बर्गेस और आईजीसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. जोनाथन लीपे द्वारा किया गया। इस अवसर पर दक्षिण एशिया के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग और अन्य वरिष्ठ विशेषज्ञ भी उपस्थित थे। इस दौरान एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो बिजली क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधानों के विकास पर केंद्रित है।
तकनीकी स्तर पर यह लैब उपभोक्ता व्यवहार विज्ञान और ऊर्जा प्रणाली मॉडलिंग का उपयोग करके प्रायोगिक प्रोजेक्ट्स संचालित करेगी। इसमें स्मार्ट मीटर और आईओटी (IoT) डेटा का उपयोग कर ग्रिड के लचीलेपन में सुधार लाया जाएगा। शोध का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित होगा कि कैसे उन्नत विश्लेषण के जरिए शहरी घरों में बिजली की पीक डिमांड को संतुलित किया जा सकता है, ताकि स्थानीय ग्रिड पर दबाव कम हो और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहे। भविष्य में इस लैब को एक व्यापक इनोवेशन हब के रूप में विस्तारित करने की योजना है, जिसमें संस्थागत भागीदारी और नए टैरिफ मॉडल जैसे विषयों पर भी काम किया जाएगा।
