उमरियापान। क्षेत्र में बीते तीन दिनों से जारी बेमौसम बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक घुल गई। अचानक हुई इस बारिश से जहां आमजन को ठंड का एहसास हुआ, वहीं खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं। खेतों में पक चुकी धान की फसल इस बारिश से सबसे अधिक नुकसान झेल रही है। कई स्थानों पर फसल गिरने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण धान की कटाई का कार्य भी पूरी तरह से ठप पड़ गया है। किसानों ने अपनी काटी हुई फसल को पन्नी और तिरपाल से ढककर नमी से बचाने का प्रयास किया है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश का यह दौर जारी रहा, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। बालियों में नमी आने से धान का रंग काला पड़ सकता है और पकी हुई फसल के दोबारा अंकुरित होने का खतरा है।
किसान मुकेश बर्मन ने बताया कि उनकी धान की फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन लगातार बारिश से नुकसान की आशंका है। हवा के साथ बारिश होने पर फसल गिर सकती है, जिससे मशीन से कटाई करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं किसान अनिल रजक ने भी चिंता जताई कि यदि दो-चार दिन और बारिश होती रही, तो खड़ी फसल गिर जाएगी और नुकसान बढ़ जाएगा।


