बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार जिले में औद्योगिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को बैतूल जिले के मोही क्षेत्र में भूमि आवंटन के लिए चयनित 10 आवेदकों को आशय प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने औद्योगिक गतिविधियों को लेकर उद्यमियों और अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की औद्योगिक नीतियों और निवेश बढ़ाने की मंशा के अनुरूप जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। कलेक्टरसूर्यवंशी ने कहा कि नए प्रस्तावित उद्योगों से स्थानीय युवाओं को अधिकतम रोजगार मिल सके, इसके लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। इस अवसर महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कैलाश मानेकर, प्रबंधक धीरज मंडलेकर, ब्रजअशीष पांडे, अंबेश बलवापूरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
15 एकड़ में विकसित किया जा रहा औद्योगिक क्षेत्र
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष मनाने का निर्णय लिया गया था। इसी परिदृश्य में बैतूल में भी उद्योगों के विकास एवं स्थानीय लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से मुलताई तहसील के मोही में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। यह औद्योगिक क्षेत्र 15 एकड़ में विकसित किया जा रहा है, जिसमें प्रथम चरण में विकासित 27 प्लाटों के लिये 1 से 15 नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें कुल 91आवेदन आए थे। राज्य स्तरीय समिति के द्वारा दस्तावेजों का निरीक्षण करने के पश्चात ऐसे 10 औद्योगिक भूखंड, जिसमें पात्र लाभार्थी सुखदेव उइके, कीरणबाला देशमुख, धनराज मनोटे, रिषभ पाटनकर देवेन्द्र राजपुत हीमांशू कटारे, जुझार हुसैन सिंगल पाए गए उन सभी को आशय पत्र जारी किए गए है।
कई तरह के प्रोडक्ट का होगा निर्माण
पात्र पाए गए 10 आवेदकों द्वारा मिल्क प्रोडक्ट, पीवीसी पाईप्स, आयरण प्रोडक्ट, बेसिक मटेरियल, हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट, मसाले पाउडर, डिस्पोसेबल पेपर प्लेट, पोल्टरी फिड प्रोडक्ट, फुड प्रोडक्ट, रॉड बोल्ड आदि विनिर्माण इकाईयों के माध्यम से कुल 150 लोगों को रोजगार एवं 7.5 करोड़ का निवेश किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा शेष 17 औद्योगिक भूखंडों पर 1 से ज्यादा आवेदन आए, जिनके बीच एमपी टेंडर के माध्यम से ऑनलाईन ऑक्सन किया जाएगा। शेष 17 औद्योगिक भूखंडो से 300 लोगों को रोजगार एवं लगभग 15 करोड़ का निवेश आना प्रस्तावित है।


