सागर/हर्षित पाण्डेय/खबर डिजिटल/ सर्वोक्त क्षेत्रीय कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी) भोपाल तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा बुधवार को महाकवि पद्माकर सभागार, सागर में “पर्पल फेयर” का आयोजन जिला प्रशासन सागर के सहयोग से किया गया। इस मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करते हुए उनके सर्वांगीण विकास, स्वावलंबन एवं आत्मसम्मान को प्रोत्साहित करना है।
ये रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विवेक के.वी. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सागर. धनसिंह यादव, संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सागर, डॉ. इन्द्र भूषण कुमार, सहायक प्राध्यापक चिकित्सा मनोविज्ञान, कुषुम कुमार वर्मा, सहायक प्राध्यापक (वाक – श्रवण) एवं पर्पल फेयर समन्यवक, सी आर सी भोपाल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती मां को माल्यार्पण के साथ किया गया।
दिव्यांगजनों के पुनर्वास की बात
कार्यक्रम के शुभारंभ के उपरांत के डॉ. इन्द्र भूषण कुमार ने उनके सम्बोधन में सीआरसी भोपाल का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि यह केंद्र मध्य भारत में विगत 25 वर्षो से दिव्यांगजनों के पुनर्वास कार्य करता आ रहा है। इस केंद्र में सभी 21 प्रकार की दिव्यांगताओं हेतु विभिन्न प्रकार की सेवाएँ, उपचार और सहायक उपकरणों का भारत सरकार की एडीप योजना के तहत निशुल्क वितरण किया जाता है। सी आर सी भोपाल में दिव्यांगता के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की पूर्ति हेतु विभिन्न दीर्घावधि डिप्लोमा एवं पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के पाठ्यक्रम संचालित है। ये सभी पाठ्यक्रम रोजगार मुखी होने के साथ साथ मध्य भारत में दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र विषय विशेषज्ञो की कमी की पूर्ति करता है।
मुख्य अतिथि ने किया संबोधित
मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि “पर्पल फेयर जैसे आयोजन दिव्यांगजनों की प्रतिभा, क्षमता एवं आत्मविश्वास को पहचान दिलाने के साथ-साथ समाज में समान अवसरों की भावना को भी सशक्त करते हैं।” उन्होने कहा कि यह बड़े गर्व का विषय है कि आज केंद्र और राज्य शासन दिव्यांगजनो के सशक्तिकरण में बहुत सारे कार्यक्रम एवं योजनाएं चला रही है।
दिव्यांगजनों ने दी अलग-अलग प्रस्तुतियां
इस पर्पल फेयर मे सागर जिले के 50 से अधिक दिव्यांगजनों ने अलग-अलग प्रस्तुतियां दी जिसमें नृत्य गायन एकल प्रस्तुतियां एवं सामूहिक प्रस्तुतियां सम्मिलित रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिव्यांगजनों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में सभी दिव्यांग प्रस्तुति देने वाले लाभार्थियो को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस पर्पल फेयर में कुल 400 के करीब लाभार्थियों ने सहभागिता की और लगभग 15 शासकीय एवं अशासकीय संगठनो ने अपने अपने क्रियाक्लापों की प्रदशनी लगाई और लाभार्थियो एवं आंगुतको को महत्वपूर्ण जनकारी प्रदान की गई।


