इंदौर दुग्ध संघ अब दूध संग्रह व्यवस्था को और ज्यादा पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. दूध की गुणवत्ता जांच के लिए अब मोबाइल आधारित टेस्टिंग ऐप का उपयोग किया जाएगा. यह ऐप नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा तैयार किया गया है और इसे दुग्ध संग्रह प्रक्रिया में लागू करने की शुरुआत कर दी गई है.
दूध जांच की नई प्रक्रिया
सोमवार को इंदौर दुग्ध संघ में इस नई व्यवस्था को लेकर फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें दुग्ध संग्रह केंद्रों पर काम करने वाले कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के संचालन और दूध जांच की नई प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि किस तरह ऐप के माध्यम से दूध की गुणवत्ता की जांच तुरंत और सटीक तरीके से की जा सकेगी.
जानें सिस्टम की खासियत
नई तकनीक के जरिए दूध में मौजूद फैट, एसएनएफ और अन्य गुणवत्ता मानकों की रीडिंग तुरंत मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी. इससे जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा आसान और पारदर्शी बनने की उम्मीद है. अधिकारियों का कहना है कि इससे दूध उत्पादकों और दुग्ध संघ के बीच भरोसा भी मजबूत होगा. इस सिस्टम की खास बात यह है कि जांच के बाद प्राप्त जानकारी तुरंत किसानों और प्लांट स्टाफ दोनों के साथ साझा की जाएगी. यानी दूध की गुणवत्ता से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा. इससे किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना भी कम होगी.
किसानों को मिलेगा लाभ
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को ऐप का लाइव डेमो भी दिखाया गया. उन्हें बताया गया कि किस तरह रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया काम करेगी. साथ ही डेटा सुरक्षित रखने और सही तरीके से अपडेट करने के तरीके भी समझाए गए.दुग्ध संघ का मानना है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से दुग्ध संग्रह व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. आने वाले समय में इस तकनीक को सभी दुग्ध संग्रह केंद्रों पर पूरी तरह लागू करने की तैयारी की जा रही है.
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