इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ सिंहस्थ-2028 से पहले इंदौर के प्रमुख शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। पुराने ब्रिज को तोड़ने से पहले उसके समानांतर नया ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है। करीब 175 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाना है। सांसद शंकर लालवानी की पहल के बाद इस परियोजना को लेकर संबंधित विभागों के बीच प्रक्रिया आगे बढ़ी है। योजना के मुताबिक पहले नया समानांतर ब्रिज तैयार कर उसे यातायात के लिए शुरू किया जाएगा। इसके बाद पुराने शास्त्री ब्रिज को हटाकर दूसरे चरण का निर्माण कार्य किया जाएगा।
दो चरणों में होगा निर्माण
शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में मौजूदा ब्रिज के समानांतर नया ब्रिज बनाया जाएगा। कोशिश है कि इसे सिंहस्थ-2028 से पहले यातायात के लिए उपलब्ध करा दिया जाए। नया ब्रिज शुरू होने के बाद पुराने ब्रिज को तोड़ा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में बाकी निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। प्रस्तावित नए ब्रिज की ऊंचाई मौजूदा ब्रिज से अधिक रखी जाएगी, ताकि भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।
संभागायुक्त कार्यालय से रीगल टॉकीज तक प्रस्तावित
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक परियोजना पर करीब 175 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रस्तावित ब्रिज का एक सिरा संभागायुक्त कार्यालय क्षेत्र से शुरू होकर रीगल टॉकीज की ओर रहेगा। निर्माण से पहले सर्वे और तकनीकी परीक्षण के आधार पर अंतिम एलाइनमेंट तय किया जाएगा।
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IDA करेगा निर्माण, रेलवे करेगा अपने हिस्से की निगरानी
शास्त्री ब्रिज के निर्माण की जिम्मेदारी इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को देने का प्रस्ताव है। IDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े ने सर्वे एजेंसी को तत्काल सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं।सर्वे के दौरान ब्रिज की चौड़ाई, ऊंचाई, एलाइनमेंट, संरचना और यातायात प्रबंधन समेत अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। वहीं, परियोजना में आने वाले रेलवे हिस्से के काम की निगरानी रेलवे विभाग करेगा, ताकि रेलवे से जुड़े तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
सिंहस्थ से पहले नया ब्रिज शुरू करने की तैयारी
शास्त्री ब्रिज इंदौर के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पुराने ब्रिज को पहले तोड़ने के बजाय समानांतर नया ब्रिज बनाने की योजना बनाई गई है, ताकि निर्माण अवधि में भी आवागमन जारी रखा जा सके। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 से पहले नया शास्त्री ब्रिज तैयार कर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना प्राथमिकता है। आधुनिक स्वरूप में शास्त्री ब्रिज का पुनर्निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
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