मध्य प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने हाल ही में एक सख्त कदम उठाया है, जिससे राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है. नगरीय निकाय चुनाव से जुड़े कई उम्मीदवारों पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने 28 लोगों को दो साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है. यह फैसला उन उम्मीदवारों के खिलाफ लिया गया है जिन्होंने तय समय के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा नहीं किया.
राज्य निर्वाचन आयोग फुल एक्शन मोड में
आयोग की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के अंदर सभी प्रत्याशियों को अपने खर्च का ब्यौरा जमा करना अनिवार्य है. इसके बावजूद कुछ उम्मीदवारों ने इस नियम को गंभीरता से नहीं लिया और समयसीमा का पालन नहीं किया. इसी लापरवाही के चलते अब उन्हें अगले नगरीय निकाय चुनाव में भाग लेने से रोक दिया गया है.
इनपर हुआ एक्शन
इस कार्रवाई की जद में आने वालों में कई नगरपालिकाओं और नगर परिषदों के उम्मीदवार शामिल हैं. विदिशा नगर पालिका परिषद से रोहित मोहन सिंह, धीरज सोनी और राहुल रत्नाकर के नाम सामने आए हैं. इसी तरह नगर पालिका कानपुर से अमित पाल, राम राज, सीमा बहिन, कोमल प्रसाद अहिरवार, चंद्र प्रकाश और संजीव कुमार पर भी कार्रवाई हुई है. नगर परिषद लटेरी से नारन सहरिया, सरोज बाई, नीतू सक्सेना और गीता अहिरवार भी इस सूची में शामिल हैं.
नगर पालिका कुरवाई के कई प्रत्याशियों पर भी गाज
इसके अलावा नगर पालिका कुरवाई के कई प्रत्याशियों पर भी गाज गिरी है, जिनमें रोशन जहां, कमलबाई, बनवारी बागड़ी, नीतू अहिरवार, सरोज राकेश सप्रे, इदरीश खां, फेमिदा बी और मंजू जैसे नाम शामिल हैं. कुल मिलाकर 15 उम्मीदवार केवल इसी क्षेत्र से प्रभावित हुए हैं.
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