रहली/ मुकेश अग्निहोत्री/ खबर डिजिटल/ छिंदवाड़ा में हाल ही में कप सीरप से बच्चों की मौत के बाद सागर जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोरों की जांच और कार्यवाही की जा रही है। प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राहली के मेडिकल स्टोर संचालकों में आक्रोश है।
मेडिकल संचालकों ने अपने स्टोर बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासन अनावश्यक रूप से मेडिकल संचालकों को परेशान कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टोर संचालक दवा निर्माता नहीं हैं, बल्कि दवा के विक्रेता हैं, इसलिए दवाओं की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार निर्माता होता है।
संचालकों ने सागर में सिंघई मेडिकल पर जारी निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान दवा व्यवसायियों ने 24 घंटे सेवाएं देकर समाज की सेवा की थी, और इस प्रकार का व्यवहार उनके साथ अनुचित है।
मेडिकल संचालकों का कहना है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता है, तो हड़ताल अनिश्चितकालीन जारी रहेगी।


