सागर/हर्षित पाण्डेय/खबर डिजिटल/ निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने मंगलवार को तिलकगंज शुक्रवारी वार्ड का निरीक्षण कर यहां संचालित विभिन्न डेयरियों को देखा, और सभी डेयरियों को तत्काल शहर से बाहर ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मंगलवार को तिलकगंज शुक्रवारी वार्ड की 6 बड़ी डेयरियों का निरीक्षण किया। कान्हा डेयरी, शंकर ग्यारसी डेयरी, राजू यादव डेयरी, बबलू यादव डेयरी, तिलक घोषी डेयरी और जानू यादव डेयरी संचालकों से संवाद किया। इसमें से 5 डेयरी संचालकों ने अपनी अपनी डेयरियां निर्धारित समय पर शहर से बाहर विस्थापित करने हेतु सहमति दी और एक डेयरी संचालक राजू यादव तिलकगंज पर एफआईआर कराने के निर्देश निगमकर्मियों को दिए।
शहर की सुंदरता पर निगमायुक्त का ध्यान
निगमायुक्त ने कहा कि शहर की स्वच्छता, सुंदरता के साथ शहर विकास और पशुओं से लोगों की सुरक्षा के लिए डेयरी विस्थापन आवश्यक हैं। उन्होंने निरीक्षण के दौरान तिलकगंज की नालियों में बहता गोबर और पानी देखकर कहा कि शहर की डेयरियों में बड़ी मात्रा में जानवरों का गोबर मलमूत्र आदि सीधे नालियों में बहा दिया जाता है। यह गोबर बहुत ही कठोर रूप में जम जाता है, जिससे विभिन्न प्रकार की हानिकारक गंध, नाली जाम, मच्छर मक्खियां और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो कि शहर की स्वच्छता में तो बाधक हैं ही, साथ ही साथ नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव डालते हैं। इसीलिये डेयरी संचालकों के बाहर जाकर संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुओं के सड़कों पर घूमने पर प्रतिबंध
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने सागर शहर को स्वच्छता में अव्वल बनाने, शहर की सुंदरता को बनाये रखने, पशुओं के सड़कों पर खुले में घूमने से होने वाली यातायात समस्या समाप्त करने को प्राथमिकता बताया। इसी के चलते महत्वकांक्षी डेयरी विस्थापन परियोजना के शत प्रतिशत संचालन को महत्वपूर्ण बताया, और यदि कोई नगरीय सीमा में डेयरी का संचालन करता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। ।
निगमकर्मियों को दिए निर्देश
निगमकर्मियों को निगमायुक्त ने निर्देशित किया है कि डेयरी बाहर करने हेतु के लिए सभीसंचालकों को सुनिश्चित कराएं। शहर की प्रत्येक डेयरी विस्थापित कराने में निगम प्रशासन योजनाबद्ध तरीके से काम करें। निगम प्रशासन डेयरी शहर से बाहर कराने हेतु समस्त डेयरी संचालकों का सहयोग करेगा और जहां आवश्यकता होगी तो कड़ाई का रुख भी अपनायेगा। डेयरियों का शहर से बाहर होना डेयरी संचालकों, नागरिकों, पशुओं और हमारे शहर सभी के हित में है।


