बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ पुर्नघनत्वीकरण नीति 2018 के तहत बैतूल के जेल प्रोजेक्ट पर लगातार सवाल उठ रहे थे। वहीं इस प्रोजेक्ट के तहत कढ़ाई में नवीन जेल परिसर का निर्माण 60 करोड़ में किया जा रहा है, और इसके बदले वर्तमान जेल परिसर की करीब 6 एकड़ जमीन दी जा रही है, जिसका बाजार मूल्य करीब 600 करोड़ रुपए आंका जा रहा है। वर्तमान जेल परिसर में जो जमीन पुर्नघनत्वीकरण नीति में दी गई है, वहां पर एमराल्ड हेरीटेज नामक फर्म कालोनी डेवलप कर फ्लेट दुकानें आदि बनाकर बेचेगी। इस एमराल्ड हेरीटेज को लेकर लगातार सवाल उठते रहे और प्रशासन की भूमिका पर प्रश्र चिन्ह लग रहा है। ऐसी स्थिति में कलेक्टर के आदेश पर बैतूल एसडीएम ने एमराल्ड हेरीटेज को लेकर तथ्यात्मक जांच के लिए 9 सदस्यीय जांच दल गठित किया है जो सात दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट देगा।
यह अधिकारी है जांच दल में
जांच टीम में तहसीलदार बैतूल नगर पूनम साहू, नगर पालिका सीएमओ बैतूल सतीष मटसेनिया, सहायक संचालक टीएनसीपी विनोद परस्ते, रेंजर बैतूल रेंज एपी शुक्ला, सहायक यंत्री हाउसिंग बोर्ड प्रकाश पंजवानी, सहायक यंत्री नगरपालिका बैतूल नीरज धुर्वे, उपयंत्री नपा बैतूल नगेंद्र वागद्रे, आरआई भीमराव पोटफोड़े और सुखराम सिरसाम को रखा गया है।
इन तथ्यों पर होगी जांच
- एमराल्ड हेरीटेज को जो कालोनी विकास की अनुज्ञा दी गई, वह क्या नियम अनुकूल है?
- एमराल्ड हेरीटेज को जो विभिन्न विभागों से अनुमतियां प्रदान की गई है, क्या वह सभी नियम के अनुकूल है?
- जेल प्रोजेक्ट में कढ़ाई और वर्तमान जेल परिसर में जो पेड़ काटे गए, क्या उनकी अनुमति विधि और नियम के अनुसार है?
- पुर्नघनत्वीकरण नीति के विपरित शहर की जमीन के बदले गांव की जमीन देकर निर्माण कराया जाना, क्या जायज है?
- कढ़ाई में नवीन जेल परिसर निर्माण में पंचायत के जो तालाब और अन्य संपत्ति प्रभावित हुई है उसमें क्या क्षतिपूर्ति या कार्रवाई हुई?
- वर्तमान जेल परिसर से वर्तमान में कितनी जमीन एमराल्ड हेरीटेज को रजिस्ट्री कर आवंटित की गई और एमराल्ड हेरीटेज ने कितनी जमीन पर कालोनी विकास की अनुज्ञा, रेरा और टीएनसीपी ली है, क्या यह नियमों से जायज है?
- जेल प्रोजेक्ट में भू राजस्व संहिता और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का क्या उल्लंघन हुआ है?
एसडीएम ने दी जानकारी
एसडीएम अभिजीत सिंह ने कहा कि जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी। यदि कोई अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं या उपलब्ध कराए जाते हैं, तो जांच समिति उस पर भी विचार करेगी।


