पुणे : भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने पुणे में अपने प्रमुख ग्राहक आउटरीच कार्यक्रम ‘स्केल सस्टेनेबली विद टाटा पावर’ की मेजबानी की। “सस्टेनेबल एज” शीर्षक के तहत आयोजित यह पहल विशेष रूप से महाराष्ट्र के ऊर्जा-गहन उद्योगों—जैसे स्टील, ऑटोमोटिव, डेटा सेंटर और विनिर्माण—के लिए डिज़ाइन की गई है, जहाँ ऊर्जा लागत का अनुकूलन और सस्टेनेबिलिटी अब एक रणनीतिक प्राथमिकता बन चुकी है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से टीपीआरईएल ने वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर और बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS) के वित्तीय लाभों को रेखांकित किया। कंपनी के अनुसार, औद्योगिक ग्राहकों के लिए यह समाधान 3-5 साल की पेबैक अवधि, बेहतर इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) और एबिटा (EBITDA) मार्जिन में मजबूती सुनिश्चित करता है। टाटा पावर 25 से अधिक वर्षों की एसेट लाइफ और सोलर मॉड्यूल पर 30 साल की वारंटी का भरोसा भी प्रदान कर रही है।
महाराष्ट्र में मजबूत पकड़ और विस्तार:
- क्षमता विस्तार: वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने महाराष्ट्र में 126.33 मेगावाट रूफटॉप और 100 मेगावाट ग्रुप कैप्टिव क्षमता स्थापित की है।
- प्रमुख परियोजनाएं: जामखेड़ में 200 मेगावाट का सोलर पीवी प्रोजेक्ट और एनटीटी ग्लोबल के लिए 100 मेगावाट का ग्रुप कैप्टिव प्रोजेक्ट कंपनी की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं।
- राष्ट्रव्यापी नेटवर्क: टीपीआरईएल ने अब तक 11.6 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय प्रतिष्ठानों को पार कर लिया है और 400 से अधिक शहरों में इसके 650 से ज्यादा चैनल पार्टनर्स सक्रिय हैं।
कार्यक्रम के दौरान “महाराष्ट्र का रिन्यूएबल एनर्जी रोडमैप” विषय पर एक उच्च-स्तरीय चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें एमसेटकल (MSETCL), टाटा मोटर्स और सान्यो स्पेशल स्टील के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस चर्चा में टैरिफ के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा और ग्रिड बिजली की खपत कम करने के व्यावहारिक समाधानों पर विचार साझा किए गए।


