इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस हमें याद दिलाता है कि असली खुशी सिर्फ पैसों या सफलता से नहीं, बल्कि हमारे रिश्तों और मानसिक शांति से जुड़ी होती है . ऐसे में यह दिन हमें यह सोचने का मौका देता है कि हमारी जिंदगी में कौन लोग हमारी खुशी बढ़ाते हैं और कौन उसे कम करते हैं.
मानसिक रूप से कमजोर करने वाले लोग
कई बार हम ऐसे लोगों के साथ जुड़े रहते हैं जो बाहर से तो करीब लगते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर हमें मानसिक रूप से कमजोर कर रहे होते हैं. ऐसे रिश्तों को पहचानना आसान नहीं होता, क्योंकि ये धीरे-धीरे असर डालते हैं. शुरुआत में सब सामान्य लगता है, लेकिन समय के साथ ये रिश्ते बोझ बन जाते हैं.
नकारात्मकता फैलाने वाले लोग
कई लोग अक्सर आपकी भावनाओं को समझने के बजाय आपको ही दोषी महसूस कराते हैं. वे हर स्थिति में नकारात्मकता फैलाते हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास कम होने लगता है. रिसर्च भी बताती है कि इस तरह के लोगों के साथ रहने से दिमाग पर तनाव बढ़ता है और मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है . यही कारण है कि समय रहते दूरी बनाना जरूरी हो जाता है.
चुगली करने वाले लोग
कुछ लोग हमेशा शिकायत करते रहते हैं और हर बात में कमी निकालते हैं. उनके साथ समय बिताने के बाद आप खुद को थका हुआ और परेशान महसूस करते हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो आपकी तरक्की से खुश नहीं होते और आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं. इस तरह के व्यवहार को नजरअंदाज करना लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है.
कंट्रोल करने की कोशिश करने वाले लोग
इसके अलावा, कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जहां सामने वाला व्यक्ति आपको कंट्रोल करने की कोशिश करता है. वह आपके फैसलों पर हावी रहता है और आपको अपनी मर्जी से चलाने की कोशिश करता है. धीरे-धीरे यह स्थिति आपकी स्वतंत्रता और आत्मसम्मान दोनों को प्रभावित करती है.
हमेशा नीचा दिखाने वाले
“ये रिस्क मत लो, तुम फेल हो जाओगे”, “ये तुमसे नहीं हो पाएगा”, “तुम्हारे बस की बात नहीं है”. ये लोग कभी आपको आगे नहीं बढ़ने देंगे और आपका आत्मविश्वास तोड़ देंगे. खुद पर भरोसा रखें और ऐसे लोगों की बातों को एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल दें.
इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस हमें यह भी सिखाता है कि खुश रहने के लिए स्वस्थ और सकारात्मक रिश्ते बहुत जरूरी हैं. अच्छे संबंध न सिर्फ हमारी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाते हैं, बल्कि जीवन में संतुलन भी बनाए रखते हैं . इसलिए जरूरी है कि हम उन लोगों के साथ समय बिताएं जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. खुद का ख्याल रखना सिर्फ आराम करने या छुट्टी लेने तक सीमित नहीं है. इसमें यह भी शामिल है कि आप अपने आसपास के माहौल को साफ और सकारात्मक रखें. अगर कोई रिश्ता लगातार आपको दुख दे रहा है, तो उससे दूरी बनाना गलत नहीं है, बल्कि यह आपकी मानसिक सेहत के लिए सही कदम हो सकता है.
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