बुंदेलखंड के विकास को नई रफ्तार देने के लिए रेलवे बोर्ड ने खजुराहो-सागर-भोपाल नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. करीब 320 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें सैटेलाइट इमेजरी और हवाई सर्वे के जरिए ऐसा रूट तय करने की कोशिश होगी, जहां निर्माण आसान हो और बाधाएं कम से कम आएं. सर्वे शुरू होते ही छतरपुर, सागर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
नई रेल लाइन परियोजना
इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में टोही सर्वे किया जा रहा है. इसमें जमीन पर काम शुरू करने से पहले आसमान से पूरे रूट का आकलन किया जाएगा. सैटेलाइट तस्वीरों और मैप्स की मदद से यह देखा जा रहा है कि कहां जमीन समतल है, ताकि निर्माण में कम खर्च आए. साथ ही पहाड़ी इलाके, गहरी नदियां और घने जंगल जैसी बाधाओं की पहचान भी इसी चरण में की जाएगी, जिससे सबसे आसान और छोटा रास्ता तय किया जा सके.
चार हिस्सों में बांटा गया काम
रेलवे बोर्ड ने इस सर्वे के लिए शुरुआती तौर पर 69 लाख रुपए मंजूर किए हैं. पूरी प्रक्रिया को चार हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें टोही सर्वे, प्रारंभिक सर्वे, अंतिम लोकेशन सर्वे और ट्रैफिक सर्वे शामिल हैं. 320 किलोमीटर के इस पूरे रूट में जहां-जहां नदी या नाले आएंगे, वहां पुल बनाने की संभावनाओं का भी आकलन अभी से किया जा रहा है. सभी सर्वे पूरे होने के बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जाएगी. इसमें प्रोजेक्ट की लागत, जमीन की जरूरत और भविष्य में यातायात की संभावनाओं का पूरा विवरण शामिल होगा. इस रिपोर्ट की समीक्षा रेलवे की उच्च स्तरीय समिति करेगी. समिति की मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण के लिए बजट और समयसीमा तय की जाएगी.
100 गांवों की बदलेगी तस्वीर
यह रेल लाइन जिन इलाकों से गुजरेगी, वहां के 100 से ज्यादा गांवों की तस्वीर बदल सकती है. सर्वे के दौरान अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम उन जगहों की पहचान करेगी, जहां ट्रैक बिछाया जाएगा. इसमें सरकारी और निजी जमीन का पूरा ब्योरा तैयार किया जाएगा. सर्वे के दौरान यह भी देखा जाएगा कि प्रस्तावित रूट में कितने मकान और खेत प्रभावित होंगे. इसके साथ ही जिन किसानों और ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें मिलने वाले मुआवजे की योजना भी रिपोर्ट में शामिल की जाएगी. इस परियोजना को बुंदेलखंड के विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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