मध्य प्रदेश में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज होती दिख रही है. सियासी गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि राज्य में ‘गुजरात फॉर्मूला’ लागू किया जा सकता है. मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के लगातार दिल्ली दौरे इस ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले समय में कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव है. भोपाल में हुई हाई लेवल बैठक की खबरों ने इन अटकलों को और हवा दे दी है.
एमपी में गुजरात फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में मौजूद 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल में अभी 4 पद खाली हैं. ऐसे में कुछ नए और अनुभवी नेताओं को मौका मिल सकता है. वहीं जिन मंत्रियों का प्रदर्शन कमजोर रहा है या जो विवादों में रहे हैं, उनकी छुट्टी भी हो सकती है. इस बार क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाने की बात सामने आ रही है. माना जा रहा है कि 4 से 5 नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.
इन्हें दिखाया जाएगा बाहर का रास्ता
खबरें यह भी हैं कि कुछ बड़े नामों पर भी असर पड़ सकता है. जिन मंत्रियों की सक्रियता कम रही है या जो कैबिनेट बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. प्रह्लाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय जैसे नाम चर्चा में हैं. पार्टी संगठन ने ऐसे नेताओं की रिपोर्ट तैयार कर ली है. साथ ही, यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ मंत्रियों को हटाकर संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं.
अगर गुजरात मॉडल को अपनाया जाता है, तो ऐसे नेताओं को भी मौका मिल सकता है जिन्हें पहले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी. इसके लिए विधायकों और मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन किया गया है. इस सूची में गोपाल भार्गव का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. इसके अलावा अर्चना चिटनिस, भूपेंद्र सिंह, मालिनी गौड़ और प्रदीप लारिया के नाम भी चर्चा में हैं. वहीं सिंधिया खेमे से भी 4 से 5 नेताओं को शामिल किए जाने की बात सामने आ रही है. हालांकि अभी तक सरकार या पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
यह भी पढ़ें-इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, जानें हैरान कर देने वाली कहानी
यह भी पढें-New COVID Variant BA.3.2 Cicada: फिर कोरोना की एंट्री, जानें लक्षण और बचाव के तरीके
यह भी पढें-MP Pension Scheme: 55 लाख लोगों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये, चेक करें अपना नाम
यह भी पढ़ें-MP में बिजली ने रुलाया, हुई इतनी महंगी, 1 अप्रैल से लगेगा झटका


