ग्वालियर अंचल के कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. लंबे समय से आधुनिक इलाज सुविधाओं का इंतजार कर रहे मरीजों को अब जल्द ही बेहतर और सस्ता उपचार मिल सकेगा. Jaya Arogya Hospital के कैंसर विभाग में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मशीनें तैयार कर दी गई हैं. इन मशीनों के शुरू होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के महंगे निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
यहां हो रहा है सस्ते में कैंसर का इलाज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अगले महीने तक इन मशीनों की अंतिम प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. मशीनों के इंस्टॉलेशन के बाद कैंसर का आधुनिक इलाज शुरू कर दिया जाएगा. विशेषज्ञों का दावा है कि जिन उपचारों के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में 2 से 5 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, वही इलाज अब ग्वालियर में बेहद कम खर्च में उपलब्ध होगा. सामान्य मरीजों के लिए इलाज की लागत लगभग 10 से 20 हजार रुपये तक रह सकती है, जबकि आयुष्मान कार्ड धारकों को यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क दी जाएगी.
ग्वालियर तक मशीनों को पहुंचाना आसान नहीं
इन मशीनों को ग्वालियर तक पहुंचाने की प्रक्रिया आसान नहीं रही. सरकार ने साल 2015 में ग्वालियर को स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की तर्ज पर विकसित करने की मंजूरी दी थी. इसके बाद कई साल तक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं में समय लगा. करीब तीन साल की औपचारिकताओं के बाद 2018 में फंड जारी किया गया. इसी दौरान मशीनों की खरीद प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन कोविड महामारी आने से पूरा काम प्रभावित हो गया और ऑर्डर लंबे समय तक अटक गए.
सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार
बाद में मशीनों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया. वर्ष 2024 से 2026 के बीच लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से रेडिएशन सुरक्षित बंकर और नई बिल्डिंग बनाई गई, ताकि इन हाईटेक मशीनों को सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सके. अब सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और अस्पताल प्रबंधन जल्द इलाज शुरू करने की बात कह रहा है.
रेडियोथैरेपी सेक्शन में चार आधुनिक मशीनें स्थापित
कैंसर विभाग के रेडियोथैरेपी सेक्शन में चार आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं. इनमें डुअल एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर शामिल है, जो कैंसर कोशिकाओं पर बेहद सटीक तरीके से रेडिएशन देता है और आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचाता है. दूसरी मशीन सीटी सिम्युलेटर है, जो ट्यूमर का थ्रीडी डिजिटल नक्शा तैयार करती है और सही मात्रा में रेडिएशन देने में मदद करती है.
थैरेपी तकनीक भी उपलब्ध
इसके अलावा ब्रेकी थैरेपी तकनीक भी उपलब्ध होगी, जिसे सर्विक्स, प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में काफी प्रभावी माना जाता है. वहीं पेट सीटी मशीन की मदद से शरीर में कैंसर के फैलाव का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकेगा. डॉक्टरों का मानना है कि इन सुविधाओं के शुरू होने से ग्वालियर और आसपास के हजारों मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और आर्थिक बोझ भी काफी कम होगा.
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