काठमांडू (नेपाल): विश्व के सबसे ऊँचे पर्वत माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह करने वाले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोहियों का ऐतिहासिक आयोजन — Everest Summiteers Summit 2025 — पहली बार नेपाल की राजधानी काठमांडू में 27 मई को आयोजित होने जा रहा है। यह सम्मेलन Everest Alliance Nepal के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
16 देशों के 177 से अधिक पर्वतारोही होंगे शामिल
Everest Alliance Nepal के अध्यक्ष सुदर्शन नेपाल ने जानकारी दी कि इस शिखर सम्मेलन में नेपाल सहित भारत, चीन, अमेरिका, पाकिस्तान, ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन, इटली, नॉर्वे, ईरान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, लेबनान, मोरक्को और संयुक्त अरब अमीरात समेत 16 देशों के 177 से अधिक Everest Summiteers भाग लेंगे।
यह सम्मेलन केवल पर्वतारोहण से जुड़ी सफलताओं और अनुभवों को साझा करने का मंच ही नहीं होगा, बल्कि इसमें सतत पर्यटन, हिमालयी पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के उत्थान जैसे अहम विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य और विषय
- सतत पर्वतीय पर्यटन को बढ़ावा देना
- हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना
- स्थानीय समुदायों और संस्कृति को संरक्षित कर उनका विकास करना
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्वतारोहण के लिए सहयोग और दिशा तय करना
सम्मेलन में होंगे ये खास आयोजन:
- Everest Summiteers द्वारा अनुभव साझा करना – संघर्ष, सफलता और सीखे गए सबक
- पर्वतारोहण में महिलाओं की भागीदारी पर सत्र
- जलवायु संकट, सुरक्षित तकनीक और जिम्मेदार पर्वतारोहण पर सेमिनार
- Everest Honor Ceremony
- हिमालयन सांस्कृतिक महोत्सव और पेंटिंग-प्रदर्शनी
- पर्वतीय जीवनशैली पर आधारित झांकियाँ
- पर्वतारोहण उपकरणों की प्रदर्शनी
- स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक हिमालयी उत्पादों की प्रदर्शनी
कंचा शेर्पा को मिलेगा ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’
1953 में सर एडमंड हिलारी के साथ पहली बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले जीवित पर्वतारोही कंचा शेर्पा को इस अवसर पर “Lifetime Achievement Award” से सम्मानित किया जाएगा।
सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन
इस सम्मेलन को ICIMOD, IUCN, WWF, ZSL और NTNC जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संगठनों का सहयोग प्राप्त है।
सम्मेलन की थीम:
“Everest is our pride, identity and now our responsibility”
(एवरेस्ट हमारा गौरव है, हमारी पहचान है और अब हमारी ज़िम्मेदारी है)
इस आयोजन के माध्यम से हिमालय में बिगड़ते पर्यावरण संतुलन, बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के प्रभाव और ज़िम्मेदार पर्वतारोहण की आवश्यकता पर वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।


