भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के किसानों में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है। भावांतर योजना लागू होने के बाद उनके चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है। अब तक 61 हजार से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया। 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे।
सोयाबीन का मिलेगा समर्थन मूल्य
मंडी में सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। बात करें वर्तमान परिस्थिति की, तो मंडियों में अभी भाव चार से साढ़े चार हजार रुपये के बीच चल रही है। इसीलिये प्रदेश की मोहन सरकार ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए भावांतर योजना लागू की है।
किसान करा रहे बंपर पंजीयन
भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए अब तक 61 हजार 970 किसानों ने ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया है। भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होगा। वहीं भावांतर की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।
किसानों के नुकसान की भरपाई
किसानों के उपज बेचने के दौरान पंजीकृत किसानों की फसल मंडियों में समर्थन मूल्य से कम पर बिकती है तो सरकार भावांतर योजना का लाभ देगी। योजना का दायित्व जिला प्रशासन को सौंपा गया है। जिसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह धान और गेहूं का उचित मूल्य दिलाया गया, वैसे ही सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता की गई है।
धान, ज्वार, बाजरा उत्पादकों की भी चिंता
समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए अभी तक 4 लाख 69 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह 10 अक्टूबर तक होगा। पिछले वर्ष 7 लाख 84 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। वहीं योजना के बारे में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केवल पंजीकृत किसानों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा, इसीलिये लाभ पाने के लिए जल्द पंजीयन करा लें।
सोयाबीन के समर्थन मूल्य पर फोकस
सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रुपये प्रति क्विंटल है। मंडियों में अभी दर चार से साढ़े चार हजार रुपये के बीच है। किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इसमें समर्थन मूल्य से कम दर पर उपज बिकती है तो अंतर की राशि सरकार देगी। यह सुविधा योजना में पंजीकृत किसानों को मिलेगी। जिसको लेकर किसानों में उत्साह की लहर दिखाई दे रही है।


