नई दिल्ली : भारतीय उर्वरक संघ (FAI) के इकसठवें वार्षिक सेमिनार 2025 का तीन दिवसीय सफल आयोजन नई दिल्ली में संपन्न हुआ। इस सेमिनार में भारत के अगले चरण की हरी उर्वरक नीति, जलवायु अनुकूल कृषि और किसान केंद्रित पोषक तत्व प्रबंधन पर गहन चर्चा हुई।
सभी प्रतिभागियों ने मिलकर देश के पोषण भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने का संकल्प लिया।
प्रमुख संकल्प और वक्तव्य
श्री एस शंकरसुब्रमण्यन, अध्यक्ष, FAI और एमडी व सीईओ, कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड, ने समापन दिवस पर अपने वक्तव्य में कहा:
“ग्रीन फ्यूचर की शुरुआत, उर्वरक के सही और सुरक्षित उपयोग से होती है। FAI उद्योग जगत की एक मजबूत और एकजुट आवाज बनी रहेगी और महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाते हुए किसानों के साथ मिलकर सस्टेनेबिल फार्मिंग को प्रोत्साहित करेगी। हम नैनो उर्वरकों सहित नई तकनीकों के विकास और जिम्मेदार मार्केटिंग पर भी ध्यान दे रहे हैं।”
डॉ. हिमांशु पाठक, महानिदेशक, आईक्रिसैट, हैदराबाद ने कहा:
“यह सेमिनार सतत पोषक तत्व प्रबंधन पर सार्थक संवाद बढ़ाने और ऐसे इनोवेशन को आगे लाने में महत्वपूर्ण रहा है जो सीधे किसानों तक लाभ पहुंचाते हैं और उनके हित की बात करते हैं।”
सेमिनार के मुख्य सत्र
सेमिनार की कार्यवाही चार तकनीकी सत्रों में आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने भारत के बदलते उर्वरक परिदृश्य और वैश्विक स्तर पर बढ़ते सस्टेनेबिलिटी के महत्व पर प्रकाश डाला:
| सत्र संख्या | विषय | अध्यक्षता | चर्चा के मुख्य बिंदु |
| सत्र 1 | हरी उर्वरक नीतियों पर चर्चा | श्रीमती अनीता सी. मेश्रेम, अपर सचिव, उर्वरक विभाग | यूरिया क्षेत्र में सुधार की ज़रूरत और वैश्विक ग्रीन फर्टिलाइजर नीतियाँ। |
| सत्र 2 | किसान सशक्तिकरण को मद्देनज़र रखते हुए पोषक तत्वों के सही प्रबंधन | श्री देवेश चतुर्वेदी, सचिव, कृषि और किसान कल्याण विभाग | संतुलित और सटीक पोषक तत्व उपयोग को बढ़ाना। |
| सत्र 3 | हरे उर्वरक उत्पादन के समाधान | श्री के. जे. पटेल, एमडी, इफको (IFFCO) | देश की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए स्वदेशी P&K उत्पादन को बढ़ावा देना। |
| सत्र 4 | उर्वरकों की मार्केटिंग | डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती, सह अध्यक्ष, FAI और एमडी, HURL | नई तकनीकों के जिम्मेदार मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करना। |
एफएआई के महानिदेशक, डॉ. सुरेश कुमार चौधरी ने बताया कि इन सत्रों में उर्वरक विभाग और कृषि विभाग के सचिवों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण नीतिगत बिंदुओं पर चर्चा हुई।


