इंदौर : कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर ने अपनी चिकित्सा सेवाओं के तीन गौरवशाली वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं । इन तीन वर्षों के दौरान, संस्थान ने नैतिक और मरीज़-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में अपनी एक अग्रणी पहचान स्थापित की है । अस्पताल की सफलता का मुख्य आधार इसका ‘फुल-टाइम स्पेशलिस्ट सिस्टम’ (FTSS) रहा है, जिसके माध्यम से विभिन्न विशेषज्ञताओं के डॉक्टरों की एक समर्पित टीम ने मल्टी-डिसिप्लिनरी दृष्टिकोण अपनाकर मरीजों को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान किया है । अब तक यह अस्पताल 1,00,000 से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर चुका है ।
अपनी इस विकास यात्रा में अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में कई उन्नत और हाई-एंड तकनीकें पेश की हैं । मध्य प्रदेश में पहली बार यूरो-लिफ्ट टेक्नोलॉजी, ई-टीईपी (E-TEP) हर्निया सर्जरी और डबल बलून एन्टेरोस्कोपी जैसी जटिल प्रक्रियाएं इसी संस्थान द्वारा सुलभ कराई गई हैं । इसके साथ ही, कोकिलाबेन हॉस्पिटल मध्य प्रदेश का पहला ऐसा कॉर्पोरेट अस्पताल बना है जिसने फेफड़ों की बीमारी के सटीक निदान के लिए एन्डोब्रोन्कियल अल्ट्रासाउंड (EBUS) की सुविधा शुरू की है । वर्तमान में अस्पताल में बोन मैरो, किडनी और मिनिमली इन्वेसिव सीएबीजी (MICS) जैसे सफल ट्रांसप्लांट प्रोग्राम संचालित हो रहे हैं और जल्द ही यहाँ लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू की जाएगी ।
अस्पताल ने अपनी सेवाओं का विस्तार इंदौर से बाहर देवास, उज्जैन, ग्वालियर और झांसी जैसे 11 अन्य शहरों तक ओपीडी सेवाओं के माध्यम से किया है । सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अस्पताल ने अब तक 55,000 से अधिक मरीजों तक विभिन्न मेडिकल कैंपों और आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए पहुंच बनाई है । इस अवसर पर अस्पताल के ग्रुप सीईओ डॉ. संतोष शेट्टी और वाइस प्रेसिडेंट सुनील मेहता ने प्रतिबद्धता जताई कि वे सुरक्षा और सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के लिए पहली पसंद बने रहेंगे । गौरतलब है कि पिछले वर्ष पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भी इस अस्पताल को सम्मानित किया गया था ।


