नई दिल्ली। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और प्रमुख बाइक टैक्सी सेवा प्रदाता रैपिडो ने देश में गिग वर्कर्स के लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हुए एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। इस समझौते का मकसद है—गिग इकोनॉमी को मजबूती देना, स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना और युवा उम्मीदवारों को स्थायी आजीविका के रास्ते उपलब्ध कराना।
एनएसडीसी और रैपिडो के बीच हुए इस समझौते के तहत, एनएसडीसी की प्रशिक्षण विशेषज्ञता और इन्फ्रास्ट्रक्चर को रैपिडो के व्यापक नेटवर्क के साथ मिलाकर गिग वर्कर्स को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे युवाओं को पार्ट-टाइम और फुल-टाइम रोजगार के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
स्किल + सपोर्ट = सफलता की नई राह
एनएसडीसी जहां युवाओं की पहचान कर उन्हें स्किल ट्रेनिंग के लिए प्रेरित करेगा, वहीं रैपिडो अपने कैप्टन नेटवर्क (ड्राइवर पार्टनर्स) के लिए दोपहिया और तिपहिया वाहन उपलब्ध कराने में सहायक बनेगा। इससे उम्मीदवारों को रोजगार के स्थिर विकल्प मिलेंगे और वे खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकेंगे।
रैपिडो ऐप से आसान जॉइनिंग, खासतौर पर महिलाओं के लिए
रैपिडो का डिजिटल प्लेटफॉर्म उम्मीदवारों को कैप्टन-अनुकूल ऐप और आसान ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के जरिए जॉब जॉइन करने में मदद करेगा। खास बात यह है कि रैपिडो की ‘पिंक मोबिलिटी’ पहल के अंतर्गत महिला ड्राइवर पार्टनर्स को भी विशेष लाभ दिए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
एनएसडीसी के सीईओ एवं एनएसडीसी इंटरनेशनल के एमडी वेद मणि तिवारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य है भारत के युवाओं को उद्योग की ज़रूरतों के अनुसार कौशल देकर उन्हें रोज़गार योग्य बनाना। यह साझेदारी तकनीकी और व्यवहारिक कौशल के साथ-साथ सुरक्षा मानकों में भी युवाओं को दक्ष बनाएगी।”
वहीं रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली ने कहा, “हर माह लाखों ड्राइवर पार्टनर्स को कमाई का ज़रिया उपलब्ध कराने में एनएसडीसी के साथ हमारा यह प्रयास एक बड़ा कदम है। ‘पिंक मोबिलिटी’ के ज़रिए हम महिलाओं के लिए भी एक सुरक्षित और समावेशी कार्य वातावरण बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।”
साझेदारी के लाभ
- उम्मीदवारों को एनएसडीसी द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र
- गुणवत्तापूर्ण सेवा डिलीवरी के लिए तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण
- रैपिडो के प्लेटफॉर्म के ज़रिए सीधी कमाई के मौके
- महिला ड्राइवरों के लिए खास योजनाएं
देश के 500 से अधिक शहरों में फैले रैपिडो के नेटवर्क से यह पहल लाखों युवाओं को लाभ पहुंचा सकती है, जो अपनी शर्तों पर काम करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।


