दिल्ली में उस समय हड़कंप मच गया, जब विधानसभा और विधानसभा मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिली. यह धमकी एक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जो ठीक उस वक्त सामने आई जब बजट सत्र शुरू होने वाला था. इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया गया. जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा मेल विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बनाकर भेजा गया था. ईमेल में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को भी धमकियां दी गई थीं.
विधानसभा और मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की मिली धमकी
जैसे ही अधिकारियों को इस ईमेल की जानकारी मिली, तुरंत पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा परिसर को खाली कराया गया. वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया ताकि किसी तरह का खतरा न हो. इसके बाद बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर बुलाया गया. सभी एजेंसियों ने मिलकर पूरे परिसर की बारीकी से जांच शुरू की. सुरक्षा जांच के दौरान हर कोने को ध्यान से खंगाला गया. इमारत के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके. हालांकि शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने कोई भी जोखिम लेने से इनकार किया और पूरी प्रक्रिया बेहद सतर्कता के साथ पूरी की गई. इस घटना के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया. खासकर विधानसभा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई. आने-जाने वाले लोगों की जांच भी कड़ी कर दी गई ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके.
पहले भी कई बार मिली है धमकी
बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में इस तरह की धमकी मिली हो. इससे पहले भी कई सरकारी इमारतों, स्कूलों और अन्य संस्थानों को इसी तरह के ईमेल के जरिए धमकी दी जा चुकी है. हालांकि ज्यादातर मामलों में जांच के बाद ये धमकियां फर्जी साबित हुई हैं, लेकिन हर बार इन्हें गंभीरता से लिया जाता है. इस मामले में भी साइबर सेल और पुलिस की टीमें ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुट गई हैं. तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध चीज की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
यह भी पढ़ें- भीषण आग में घर जलने पर भावुक हुईं विधायक सेना महेश पटेल, तत्काल सहायता की घोषणा


