नई दिल्ली/बंटी प्रहलाद/खबर डिजिटल/ कर्नाटक में अपना आधा कार्यकाल पूरा करने वाली सिद्धारमैया की सरकार में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है, नेतृत्व परिवर्तन समेत मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें जारी है, इसे नवंबर क्रांति का नाम दिया जा रहा है, जोकि अगले महीने संभावित बताया जा रहा है, लेकिन उससे पहले कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल चुकी है, जानकारी के मुताबिक चुनाव का खर्च उठाने का जिम्मा मिला है।
नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने लगाए आरोप
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक को बिहार चुनाव के लिए एटीएम बना दिया है। उन्होंने कहा, ‘जानकारी मिली है कि उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस के पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई है। यहां तक कि मुख्यमंत्री ने इस पर चर्चा करने के लिए डिनर मीटिंग बुलाई है।’ साथ ही बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार चुनाव में इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस विधायक ने 40 किलो सोना बिहार भेजा है। खास बात है कि वीरेंद्र को हाल ही में ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था।
डीके शिवकुमार की भूमिका बेहद अहम
कांग्रेस के लिए संकट मोचक कहलाने वाले डीके शिवकुमार की भूमिका भी बिहार चुनाव में खास होने वाली है, क्योंकि वो एक सफल रणनीतिकार के रुप में जाने जाते हैं। वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए इसे मीडिया में चल रही एक ‘अफवाह’ बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा कि पार्टी हाईकमान इस पर फैसला करेगा।
कांग्रेस संगठन का बयान
कांग्रेस के जिला प्रभारी मंत्री एन चालूवरयस्वामी ने कहा कि डिनर का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इसे अफवाह बताया है। उन्होंने कहा है कि बिहार चुनावों के बाद कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है, लेकिन नेतृत्व में बदलाव का फैसला पार्टी आलाकमान पर है। उन्होंने कहा, ’34 मंत्री हैं। अन्य के लिए कुछ और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।’ इससे माना जा रहा है कि निगम मंडल में नियुक्ति होने की संभावना है। बता दें कि पिछले कुछ समय से, मंत्री पद के इच्छुक कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग की ओर से भी मंत्रिमंडल में फेरबदल करके उन्हें शामिल करने की मांग उठ रही है। कुछ विधायकों ने तो खुले तौर पर मंत्री बनने की इच्छा भी व्यक्त की है।


