नई दिल्ली/ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ‘मनरेगा बचाओ सम्मेलन’ के दौरान दोनों नेता मजदूरों की वेशभूषा में नजर आए। माथे पर गमछा बांधे और हाथों में फावड़ा लिए राहुल गांधी और खरगे ने मनरेगा को खत्म करने के कथित प्रयासों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
मनरेगा ग्रामीण भारत की जीवन रेखा
राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) ग्रामीण भारत की जीवन रेखा है। यह कानून गांवों में रहने वाले करोड़ों लोगों को सम्मान के साथ रोजगार देता है। उन्होंने कहा कि मनरेगा भारत की आत्मा से जुड़ा है और इसे बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने साफ कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता मनरेगा की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।
मनरेगा खत्म करना महात्मा गांधी का अपमान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीजेपी का मनरेगा पर हमला ‘ग्राम स्वराज’ को मिटाने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है, ताकि गरीब और वंचित वर्ग को बंधुआ मजदूर बनाया जा सके। खरगे ने कहा कि मनरेगा को खत्म करना महात्मा गांधी के विचारों और सम्मान पर सीधा हमला है।
बजट सत्र में उठेगा मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में मनरेगा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत मिलने वाली 100 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी को खत्म करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।


