आलीराजपुर/कुलदीप खराडीया/खबर डिजिटल/ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर नीतू माथुर की अध्यक्षता में आज राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना, नगरीय सर्वेक्षण तथा सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की अधिकारीवार विस्तृत समीक्षा की गई। जिसमें कलेक्टर ने निर्देश जारी किए।
कलेक्टर नीतू माथुर ने दिए निर्देश
कलेक्टर नीतू माथुर ने स्पष्ट कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि गुणवत्ता और समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 3 से 6 माह से अधिक लंबित कोई भी प्रकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अब राजस्व प्रकरणों की मासिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाएगी।
कलेक्टर ने दिखाया सख्त रुख
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी शिकायत को नॉन-अटेंडेंट रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। सभी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। भूमि आवंटन से जुड़े लंबित मामलों को एक सप्ताह के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
राजस्व वसूली की धीमी गति पर जताई नाराजगी
राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए तथा कहा कि 15 दिन बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में छात्रावास, अस्पताल एवं उचित मूल्य दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनोज गरवाल, वीरेंद्र बघेल, तपिस पांडे, सुश्री निधि मिश्रा सहित सभी तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


