आलीराजपुर/कुलदीप खराड़िया/खबर डिजिटल/ उमराली स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में चल रही अव्यवस्थाओं की शिकायतें लंबे समय से प्रशासन तक पहुंच रही थी। आज कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रों और शिक्षकों दोनों ने कलेक्टर के समक्ष कई गंभीर मुद्दे रखे।
छात्रों का फूटा गुस्सा
भोजन की गुणवत्ता, व्यवहार और सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए गए। निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने खुलकर बताया कि भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है, प्राचार्य छात्रों के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार करते हैं, कुछ स्टाफ द्वारा भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आईं, मूलभूत सुविधाएं और शिक्षा व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
कलेक्टर माथुर ने गंभीरता से सुनी परेशानी
कलेक्टर माथुर ने सभी बच्चों की बातें बड़ी गंभीरता और धैर्य से सुनीं। शिक्षकों ने भी प्राचार्य के व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। बातचीत के बाद कलेक्टर को पता चला कि विद्यालय में व्यवस्थाएं लंबे समय से अव्यवस्थित चल रही हैं।
तत्काल कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने मौके पर ही जांच दल को निर्देश देते हुए कहा कि छात्रों द्वारा बताई गई हर शिकायत का विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाए। आने वाले एक सप्ताह तक विद्यालय की सतत मॉनिटरिंग की जाए। बच्चों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। भोजन की गुणवत्ता प्रतिदिन जांची जाए और रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में भेजी जाए। जिले के सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का भी समय-समय पर निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
कलेक्टर ने बच्चों के बीच बैठकर किया भोजन
निरीक्षण के दौरान कई विद्यार्थी आक्रोश में भोजन करने से मना कर रहे थे। कलेक्टर ने उन्हें समझाया, उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि उनकी हर समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा। बच्चों को विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने उनके साथ बैठकर स्वयं भी भोजन किया।
मौके पर मौजूद रहे अधिकारी
इस निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी मनोज गरवाल, सहायक आयुक्त संजय परवाल, तहसीलदार श्रीमती रानू माल सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


