Tuesday, November 3, 2026
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आदिवासी महिला कर्मचारी ने खुद पर डाला पेट्रोल… सहायक आयुक्त को देने गई थी ज्ञापन

कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने जाना महिला का हाल-चाल

बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास बैतूल में पदस्थ अंशकालीन महिला कर्मचारी चम्पा वट्टी ने बुधवार 31 दिसंबर को सहायक आयुक्त के कथित दुर्व्यवहार से आहत होकर आत्मदाह का प्रयास किया। महिला को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा जिला अस्पताल बैतूल पहुंचे। उन्होंने चम्पा वट्टी का हाल-चाल जाना और सिविल सर्जन से चर्चा कर उचित उपचार की व्यवस्था करने को कहा। अस्पताल में मौजूद अंशकालीन महिला कर्मचारियों ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को बताया कि पूर्व में भी उन्होंने विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष को अपनी समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आज इसी विषय को लेकर वे सहायक आयुक्त के पास ज्ञापन देने गई थीं।

नौकरी से हटाने का आदेश बना कारण
जानकारी के अनुसार शहर के विभिन्न शासकीय छात्रावासों में कार्यरत समस्त अंशकालीन कर्मचारियों को सहायक आयुक्त विवेक पांडे द्वारा तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के बाद वर्षों से कार्यरत अंशकालीन कर्मचारी रोजगार छिनने की आशंका को लेकर परेशान थे।इसी विषय को लेकर सभी अंशकालीन कर्मचारी सहायक आयुक्त विवेक पांडे को ज्ञापन देने पहुंचे थे। कर्मचारियों की मांग थी कि वर्षों से कार्यरत अंशकालीन कर्मचारियों को यथावत रखा जाए, क्योंकि उनके परिवार का भरण-पोषण इसी नौकरी पर निर्भर है।

अमर्यादित भाषा के आरोप
अंशकालीन महिला कर्मचारियों का आरोप है कि ज्ञापन देने के दौरान सहायक आयुक्त विवेक पांडे ने गुस्से भरे लहजे में अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और कथित रूप से जाओ मरो जैसे शब्द कहे। कर्मचारियों के अनुसार यह बात चम्पा वट्टी सहन नहीं कर पाईं। बताया गया कि कथित बयान से आहत होकर चम्पा वट्टी ने मौके पर ही अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत पानी डालकर स्थिति को संभाला और महिला को जिला अस्पताल बैतूल पहुंचाया गया।

20 वर्षों से कर रही थीं सेवा
महिला कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से छात्रावासो में सेवाएं दे रही हैं। अचानक बिना सूचना हटाए जाने से उनके सामने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इस उम्र में अन्य कार्य मिलना भी मुश्किल है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि भाजपा शासन काल में नौकरशाही पूरी तरह हावी हो चुकी है और आम जनता, विशेषकर आदिवासी समाज की महिलाओं को लगातार अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से ईमानदारी से सेवा दे रही आदिवासी महिला कर्मचारियों को अचानक हटाने के आदेश देना और फिर उनसे अमर्यादित भाषा में बात करना, भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक तानाशाही को उजागर करता है। निलय डागा ने कहा कि आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि आदिवासी महिला कर्मचारी अपने हक की बात करें तो उन्हें जाओ मरो जैसे शब्द सुनने पड़ते हैं। यह शब्द सिर्फ एक महिला के लिए नहीं है, पूरे आदिवासी समाज के आत्मसम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जब एक जिम्मेदार अधिकारी की भाषा इस स्तर तक गिर जाती है, तो यह साबित करता है कि सत्ता का संरक्षण मिलने से नौकरशाही बेलगाम हो चुकी है।

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